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रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, ट्रैक मेंटेनर से लोको पायलट तक को मिलेगा लाभ

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:24 PM (IST)

केंद्र सरकार ने दुर्गापूजा से पहले 11.40 लाख गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस देने का ऐलान किया है।

रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस।

  2. सरकारी खजाने पर 2,009.61 करोड़ रुपये का बोझ।

  3. प्रति कर्मचारी अधिकतम 17,951 रुपये का लाभ।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दुर्गापूजा से पहले केंद्र सरकार ने रेलवे के 11,40,770 गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) देने का फैसला किया है। इस पर सरकारी कोष से 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रति पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस की अधिकतम राशि 17,951 रुपये निर्धारित की गई है। सरकार ने इसे रेलवे कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की मान्यता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन बताया है।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि रेलवे के सामने बढ़ते यात्री दबाव के बीच माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने, सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने और सेवाओं की दक्षता सुधारने की चुनौती है। ऐसे में बोनस का फैसला कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के साथ रेलवे के परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखने की कोशिश के रूप में महत्वपूर्ण है।

किस-किस को मिलेगा लाभ?

हालांकि, सभी कर्मचारियों को समान राशि नहीं मिलेगी। वास्तविक भुगतान पात्रता और निर्धारित गणना के आधार पर होगा। रेलवे कर्मचारियों को उत्पादकता आधारित बोनस हर साल दुर्गापूजा और दशहरा से पहले दिया जाता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और त्योहारों से पहले अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

बोनस का लाभ ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, प्वाइंट्समैन, मंत्रालयिक कर्मचारियों और अन्य ग्रुप-सी कर्मचारियों को मिलेगा। इन कर्मचारियों की भूमिका पटरियों के रखरखाव, सिग्नलिंग, ट्रेन संचालन और स्टेशनों के प्रबंधन से लेकर यात्रियों तथा माल की सुरक्षित आवाजाही तक फैली है। रेलवे के विशाल नेटवर्क को सुचारु रूप से चलाने में इनकी जिम्मेदारी अहम है।

7.41 अरब लोगों ने की यात्रा

वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और करीब 7.41 अरब यात्रियों को परिवहन सुविधा दी। माल ढुलाई में रिकॉर्ड प्रदर्शन रेलवे परिवहन क्षमता और देश की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या का प्रबंधन परिचालन तंत्र पर लगातार बढ़ते दबाव को दर्शाता है।