1988 में हुई थी बैंक डकैती, केरलम के 76 साल के व्यक्ति को अब मिली 13 साल जेल की सजा
76 वर्षीय अब्दुल समद को 1988 में वायनाड के नल्लुरनाड सर्विस कोऑपरेटिव बैंक में हुई डकैती के आरोप में 13 ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
HighLights
76 वर्षीय अब्दुल समद को 1988 बैंक डकैती में सजा।
वायनाड के नल्लुरनाड सर्विस कोऑपरेटिव बैंक में हुई थी डकैती।
अदालत ने 13 साल की जेल और 16,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
डिजिटल डेस्क, कलपेट्टा। वायनाड के नल्लुरनाड सर्विस कोऑपरेटिव बैंक में 1988 में हुई डकैती में शामिल होने के आरोप में 76 साल के एक व्यक्ति को 13 साल की जेल और 16,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के जज एल. जयवंत ने मंगलवार को कोल्लम के रहने वाले अब्दुल समद को इस मामले में सजा सुनाई। अगर वह जुर्माना नहीं भर पाते हैं तो उन्हें 10 महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
1988 में 6 लोगों के गिरोह ने की थी बैंक डकैती
पुलिस के मुताबिक, यह डकैती 8 जनवरी 1988 की सुबह हुई थी और छह लोगों के एक गिरोह ने बैंक में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। ये गिरोह एक कार में आया, ताले तोड़े और बैंक के अंदर घुस गया। लुटेरे एक सेफ, लगभग एक किलोग्राम सोने के गहने और 5,544 रुपये नकद ले गए।
4 आरोपी 1993 में हुए थे गिरफ्तार
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शोर सुनकर बैंक पहुंचे दो लोगों पर क्रोबार (लोहे की रॉड) से हमला किया गया। आरोपियों में से चार सुबैर, सुरेश बाबू, अलीकुट्टी और नसीर को 1993 में गिरफ्तार किया गया था और सजा सुनाई गई। एक और आरोपी ओ के बाबू फरार चल रहा था। उसने 2017 में अदालत के सामने सरेंडर कर दिया और बाद में उसे सजा सुनाई गई।
40 गवाहों से हुई पूछताछ
समद को अक्टूबर 2024 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। न्यायिक हिरासत में रहते हुए उस पर मुकदमा चला। अदालत ने इस मामले में लगभग 40 गवाहों से पूछताछ की। अभियोजन पक्ष ने सबूत के तौर पर 166 दस्तावेज और पंचनामा के तहत जब्त की गई 21 भौतिक वस्तुएं अदालत के सामने पेश कीं। शुरुआती जांच तत्कालीन मनंतवाडी पुलिस ने की थी और बाद में इसे जिला सीबीसीआईडी ने अपने हाथ में ले लिया।
