नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। चीन में मासूम बच्‍चे लगातार हादसों का शिकार बन रहे हैं। गुरुवार किंडरगार्टन स्‍कूल के बाहर हुआ जबरदस्‍त धमाका इसका ही एक उदाहरण है। इस हादसे के बाद लोगों की जुबान पर अपने बच्‍चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। बच्‍चों के अभिभावकों में भी अपने बच्‍चों को लेकर असुरक्षा की भावना घर कर रही है। दरअसल जनवरी से लेकर अब तक इस तरह के चार वाकये हो चुके हैं।

गुरुवार को चीन के एक नर्सरी स्कूल में हुए धमाके में सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पूर्वी जिंआंग्सू प्रांत के फेंगक्सियन काउंटी स्थित एक किंडरगार्टेन के बाहर यह धमाका हुआ था। यह धमाका ऐसे समय में हुआ था जब अभिभावक अपने बच्चों को लेने आए हुए थे।

मीडिया में इस धमाके के बाद की वीडियो में दिख रहा है कि घायल लोग, रोते हुए अपने बच्चों को थामे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर धमाके से एक महिला के कपड़े जल गए हैं। ग्लोबल टाइम्स और चाइना यूथ डेली अखबारों ने के मुताबिक खाने पीने के एक स्टाल पर गैस सिलेंडर फटने की वजह से यह हादसा हुआ था। एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने न्‍यूज पोर्टल शिन्हुआ को बताया कि जब उन्‍होंने जबरदस्‍त धमाके की आवाज सुनी तो कुछ लोग एमरजेंसी नंबर डायल करने की बात कहते हुए वहां से दूसरी ओर भाग रहे थे।

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शेंडॉग प्रांत में मई 9 को बच्‍चों से भरी हुई बस में अचानक लगी आग से करीब 11 बच्‍चे जिंदा जल गए थे1 इसमें टीचर और बस का ड्राइवर भी शामिल  था। बाद में पता चला कि बस के ड्राइवर ने ओवरटाइम के विवाद के चलते बस में आग लगाई थी। इसके अलावा कुछ समय पहले किंडरगार्टन स्‍क्‍ूल में एक व्‍यक्ति ने चाकू से कुछ बच्‍चों पर हमला कर दिया था। इसमें भी कुछ बच्‍चे घायल हो गए थे। जनवरी में भी गुआंग्‍जी झुहांग प्रांत में एक व्‍यक्ति ने चाकू से करीब 11 बच्‍चों को घायल कर दिया था।

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Posted By: Kamal Verma

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