6 महीने, 6 भारतीय और एक जहाज... कराची पोर्ट पर फंसे नाविक लंबे समय से कर रहे घर वापस आने का इंतजार
कराची बंदरगाह पर आठ महीने से फंसे विनीत किशोर मिश्रा समेत छह भारतीय नाविकों के परिवार ने उनकी सुरक्षित वापसी ...और पढ़ें

विनीत मिश्रा समेत पांच नाविकों के घर वापस आने का इतजार कर रहे परिवार।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आठ महीने पहले 25 फरवरी को विनीत किशोर मिश्रा केवर नाम के जनरल कार्गो जहाज पर बतौर चीफ ऑफिसर सवार हुए थे। ईरान और ओमान के समुद्री रास्तों से होते हुए यह जहाज 17 अप्रैल को पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर पहुंचा। तब से विनीत और उनके साथ पांच अन्य भारतीय नागरिक इस बंदरगाह पर फंसे हुए हैं और उनके घर वापसी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विनीत का परिवार उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से लगातार मदद की अपील कर रहा है। विनीत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले हैं और उनके दो बच्चे हैं।
'मम्मा, पापा कब आएंगे?'
विनीत की पत्नी नेहा मिश्रा बताती हैं, "मेरे बच्चे मुझसे पूछते हैं कि मम्मा, पापा कब आएंगे?" वह उन्हें बस इतना ही जवाब देती हैं, "आ जाएंगे।" नेहा ने बताया कि उनके पति और अन्य नाविक छह महीने से ज्यादा समय से कराची बंदरगाह पर फंसे हुए हैं और उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वे कब वापस आ पाएंगे।
नेहा ने बताया, "वह छह महीने के अनुबंध पर थे, जो अगस्त में खत्म हो गया। उनका अनुबंध और वीजा तो समाप्त हो चुके हैं लेकिन उन्हें जहाज से साइन ऑफ नहीं किया गया है। उनके घर वापस जाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्हें जहाज से नीचे उतरने की अनुमति नहीं है।"
जहाज पर मुश्किलों का सामना
नेहा को हर 15 से 20 दिनों में एक बार अपने पति से एक-दो मिनट के लिए बात करने का मौका मिलता है। इन छोटी-छोटी बातचीत के जरिए उसे पता चला है कि उसके पति को जहाज पर किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नेहा ने आगे कहा, "पिछले तीन महीनों से जहाज पर पूरी तरह से बिजली गुल है।" परिवार का दावा है कि जहाज पर खाने-पीने की चीजों की भी समस्या है। विनीत के पिता ललित किशोर मिश्रा ने बताया, "मेरा बेटा बताता है कि उसे सुबह दो बिस्कुट दिए जाते हैं, दोपहर का खाना शाम 4 बजे आता है और रात का खाना लगभग 11 बजे मिलता है। जहाज पर बिजली नहीं है। वे अंधेरे में रह रहे हैं।"
जगह-जगह गुहार लगाता परिवार
नेहा ने अपने ससुर के साथ मिलकर कई राज्य और केंद्रीय अधिकारियों से संपर्क किया है लेकिन उनकी सारी कोशिशें बेकार गई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन असल में कोई कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने आगे कहा, "हमने सरकार को पत्र लिखा है लेकिन उनकी मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। हम चाहते हैं कि वह सुरक्षित अपने घर लौट आएं। हम प्रधानमंत्री मोदी, योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्रालय से अपील करते हैं कि वे विनीत को वापस घर लाने में हमारी मदद करें। मेरे दो छोटे बच्चे हैं, जो अपने पिता के लिए रोते हैं।"
परिवार ने पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के सामने भी यह मुद्दा उठाया, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। अब परिवार इस मामले को उठाने के लिए दिल्ली आया है। सेना के पूर्व अधिकारी ललित मिश्रा ने कहा, "पिछले चार दिनों में हमने प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति कार्यालय और यहां तक कि विदेश मंत्रालय का भी दौरा किया है। हमने अपना आवेदन जमा कर दिया है।"
परिवार के अनुसार, कराची पहुंचते ही एक ईरानी कंपनी और बंदरगाह के अधिकारियों के बीच हुए विवाद के चलते जहाज को जब्त कर लिया गया। इसके बाद, जहाज की बिजली आपूर्ति काट दी गई और सभी के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए।
