भागलपुर, जागरण संवाददाता। बिहार में मंगलवार रात आए तूफान से 54 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा जख्मी हो गए। इस प्राकृतिक आपदा में पूर्णिया में 40, मधेपुरा में सात, भागलपुर व सुपौल में एक-एक और कटिहार में दो जानें गई हैं। मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है। कच्चे घरों और फसलों पर भी इस तूफान का व्यापक असर पड़ा है। प्रदेश के कुल 12 जिलों में प्राकृतिक आपदा का असर हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है। राज्य सरकार की ओर से मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता का एलान किया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

पूर्णिया में सबसे ज्यादा नुकसान

पूर्णिया में तूफान के कारण लगभग 20 हजार टीन और फूस की छत वाले मकानों के ऊपरी हिस्से पत्तों की तरह हवा में उड़ गए। 100 से अधिक लोग इस कारण जख्मी हुए हैं। डगरुआ प्रखंड में तूफान से सबसे अधिक क्षति हुई है। यहां 19 लोगों की मौत हुई है। जिले की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। सड़कों पर बिजली के खंभे टूटे पड़े हुए हैं तथा टेलीफोन सेवा भी ध्वस्त हो गई है। हजारों की संख्या में पेड़ गिरने से पूर्णिया-कटिहार, पूर्णिया-धमदाहा एवं पूर्णिया-मधेपुरा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सरकारी अमले ने बुधवार को भारी मशक्कत के बाद यातायात बहाल किया। विद्युत विभाग के अनुसार जिस तरह की क्षति हुई है उसमें विद्युत व्यवस्था बहाल होने में सात दिन तक का समय लग सकता है।

मधेपुरा में मक्के की फसल बर्बाद, सात मरे

मधेपुरा में तूफान के कारण सात लोगों की मौत हुई है। जिले में सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। जबकि करीब दो सौ से अधिक घरों का छत उडऩे की बात कही जा रही है। मुरलीगंज, बिहारीगंज व मधेपुरा सदर प्रखंड में अधिक क्षति की सूचना है। मरने वालों के परिजनों को सांसद पप्पू यादव ने 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। कटिहार में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। कच्चे मकानों के गिरने के कारण यहां आधा दर्जन लोग जख्मी भी हुए हैं। बिजली और संचार सेवा यहां पूरी तरह बाधित हैं। यहां 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। भागलपुर में बारिश के दौरान हुए वज्रपात में एक की मौत हुई है। इसी प्रकार की घटना सुपौल में घटित होने की सूचना है।

बंगाल में तेज आंधी और बारिश से भारी तबाही

कोलकाता। अचानक आई तेज आंधी और बारिश से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में भारी तबाही का नजारा देखने को मिला। जगह-जगह पेड़ गिरने से एक हजार से ज्यादा घर ढह गए। विद्युत और दूरसंचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है। करीब 15 ब्लॉक क्षेत्रों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। जिला प्रशासन ने सभी बीडीओ से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा बालूरघाट और उत्तर दिनाजपुर में भी आंधी से भारी नुकसान की सूचना मिली है।

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Edited By: Sumit Kumar