नई दिल्ली, प्रेट्र। लद्दाख में जारी गतिरोध के बीच चीन को कड़ा संदेश देते हुए सेना प्रमुख एमएम नरवाने ने शुक्रवार को कहा कि किसी को भारत के धैर्य की परीक्षा लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। उत्तरी सीमा पर पूर्व स्थिति को बदलने की एकपक्षीय साजिश का मुंहतोड़ जवाब दे दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा, चीन के साथ आठ महीने से जारी सैन्य गतिरोध का भारत वार्ता और राजनीतिक कोशिशों के जरिये समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

दिल्ली छावनी में सेना दिवस परेड के मौके पर जनरल नरवाने ने चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया की उपस्थिति में कहा कि पिछले साल जून में पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भारतीय सेना देश की अखंडता एवं सुरक्षा को कोई आंच नहीं आने देगी। पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर जनरल नरवाने ने कहा कि भीषण ठंड और कठिन हालात के बावजूद भारतीय सैनिकों का मनोबल क्षेत्र के उन पहाड़ों की चोटियों से भी ऊंचा है जिनकी वे पूरी तत्परता से रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारत और चीन के बीच आठ दौर की सैन्य वार्ता भी हुई है। हम आपसी और समान सुरक्षा के आधार पर वर्तमान स्थिति का समाधान खोजना जारी रखेंगे।

सीमा पार आतंकवाद का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, 'अन्य सीमा पर भी दुश्मन को कड़ा जवाब दिया जा रहा है। पाकिस्तान लगातार आतंकियों को पनाहगाह मुहैया करा रहा है। नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद शिविरों में 300 से 400 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं।' उन्होंने कहा, पिछले साल संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में 44 फीसद की वृद्धि हुई जो पाक की भयावह साजिश को दर्शाता है। वे ड्रोन के जरिये हथियारों की तस्करी करने की कोशिश भी कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने में मदद के लिए पाकिस्तान अक्सर उन्हें कवर फायर उपलब्ध कराता है। सेना प्रमुख ने बताया कि पिछले साल आतंकरोधी अभियानों और नियंत्रण रेखा पर 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इन कदमों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को आतंकवाद से राहत प्रदान की है।

गोला-बारूद की खरीद पर खर्च किए 18 हजार करोड़

जनरल नरवाने ने बताया कि चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना ने पिछले साल गोला-बारूद की खरीद और अपने कर्मियों को साजो सामान उपलब्ध कराने पर 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें पांच हजार करोड़ रुपये की आपात खरीद भी शामिल है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan