जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले विधायकों के पार्टी छोड़ने की तेज हुई रफ्तार से कांग्रेस में जबरदस्त हड़कंप है। पार्टी हाईकमान और शीर्ष रणनीतिकारों की टीम को वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की राज्यसभा चुनाव में जीत की चिंता सताने लगी है। पार्टी नेतृत्व ने अपने रणनीतिकारों को पूरा जोर लगाते हुए हर दांव आजमाने को कहा है। विधायकों की टूट रोकने के इस दांव के क्रम में कांग्रेस ने शुक्रवार को इस्तीफा देने वाले विधायकों के खिलाफ दल बदल कानून के तहत कानूनी कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे डाली। वहीं भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रलोभन देकर कांग्रेस विधायकों को तोड़ने का आरोप भी लगाया।

अहमद पटेल केवल राज्यसभा में पार्टी के एक उम्मीदवार भर नहीं हैं बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार हैं। पिछले दो दशक से कांग्रेस की अंदरुनी सत्ता सियासत के सबसे ताकतवर और प्रमुख रणनीतिकार हैं। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने कहा कि पर्याप्त संख्या में विधायक रहने के बावजूद यदि कांग्रेस का हाईप्रोफाइल नेता भाजपा की ओर से बिछाई जा रही बिसात पर मात खा गया तो पूरी कांग्रेस के लिए हार होगी। शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने और बिहार में महागठबंधन से नीतीश के बाहर जाने के बाद गुजरात में राज्यसभा की सीट जाना पार्टी की राजनीतिक मुश्किलें और बढ़ाएंगी। गुजरात में विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले राज्यसभा चुनाव में उलटफेर हुआ तो प्रदेश की सत्ता को लेकर उसकी जग रही उम्मीदों पर चुनाव पूर्व ही पानी फिर जाएगा।

कांग्रेस की यह गहरी चिंतापार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी के पार्टी छोड़ने वाले विधायकों पर दल बदल कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी से साफ झलकता है। विधायकों के पार्टी छोड़ने का पूरा दोष भाजपा पर मढ़ते हुए सिंघवी ने कहा कि विधायकों को प्रलोभन और पैसे देकर भाजपा तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य में यह सब हो रहा है जिससे साफ है कि इस राजनीतिक भ्रष्टाचार को इन दोनों का प्रश्रय मिल रहा है। जो विधायक प्रलोभन में नही आ रहे उनके घर गुजरात सरकार के अफसरों और पुलिस को भेज दबाव डाला जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सीधे तौर पर खरीद फरोख्त की राजनीति कर संवैधानिक संस्थाओं और दल बदल कानून को ध्वस्त कर रही है।

अभिषेक सिंघवी ने दल बदल कानून के तहत इन विधायकों के खिलाफ काूननी समेत कांग्रेस के सभी विकल्प खुला होने की बात कही। उन्होंने कहा कि दल बदल कानून का भाजपा भले माखौल उड़ा रही है मगर अदालत में प्रलोभन और भ्रष्टाचार की वजह से पार्टी छोड़ने की बात साबित हो जाती है तो भी इन विधायकों पर इस्तीफा देने के बावजूद दल बदल कानून लागू होगा। साथ ही दोषी पाए जाने पर ऐसे विधायकों को जेल जाने से लेकर छह साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराया जा सकता है। विधायकों को यह चेतावनी कांगे्रस का राज्यसभा चुनाव को लेकर डर तो नहीं दर्शा रहा? इस पर सिंघवी ने अहमद पटेल की जीत का दावा करते हुए कहा कि यह हार का भय नहीं बल्कि हम भाजपा की जोड़-तोड़ की राजनीति का पर्दाफाश कर ऐसे विधायकों को इसके कानूनी दुष्परिणामों की चेतावनी देना चाहते हैं।

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Posted By: Gunateet Ojha