रायपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पिछले छह वर्षो से खड़े बांग्लादेशी विमान की ई-नीलामी की तैयारी की जा रही है। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया से निर्देश मिलने के बाद रायपुर विमानतल अथारिटी ने कानूनी सलाहकारों से इस संबंध में चर्चा कर ली है।

बांग्लादेशी कंपनी यूनाइटेड एयरवेज को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया है। अथारिटी को बांग्लादेशी कंपनी के जवाब का इंतजार है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी कंपनी पर पार्किग और अन्य तकनीकी शुल्क के रूप में बकाया राशि तीन करोड़ रपये तक पहुंच चुकी है।

स्वामी विवेकानंद विमानतल के निदेशक राकेश सहाय ने बताया कि कानूनी सलाहकारों से चर्चा के बाद उन्हें ई-नीलामी की अनुमति मिल गई है। इसकी जानकारी बांग्लादेशी विमानन कंपनी को भी दे दी गई है। जैसे ही बांग्लादेशी विमानन कंपनी की ओर से कोई जवाब आएगा, ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

यह था पूरा मामला

मालूम हो कि 173 यात्रियों के साथ ढाका से मस्कट जाने के दौरान सात अगस्त, 2015 को एमडी-83 विमान में खराबी आ गई थी। आपात स्थिति में उसे रायपुर में उतारा गया था। विमान के यात्रियों को आठ अगस्त को दूसरे विमान से भेजा गया था। उसके बाद से यह बांग्लादेशी फ्लाइट रायपुर विमानतल पर ही खड़ा है। साल 2019 में इसे अपने स्थान से 300 मीटर खिसकाया गया था। उसके बाद बांग्लादेशी विमानन अधिकारियों ने कहा भी था कि इस फ्लाइट को जल्द से जल्द यहां से ले जाया जाएगा।