जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोविड-19 के बीते दो साल से जारी संक्रमण के उतार-चढ़ाव के दौर ने लोगों की मानसिक सेहत पर भी प्रतिकूल असर डाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आम बजट के दौरान हर वर्ग के नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों का सामना करने की बात स्वीकार करते हुए लोगों को बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने इसके लिए राष्ट्रीय टेली मेडिसिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम लांच करने के साथ ही देश भर में 23 टेली मेडिसिन मेंटल हेल्थ सेंटर आफ एक्सीलेंस लांच करने की घोषणा की।

राष्ट्रीय टेली मेडिसिन स्वास्थ्य कार्यक्रम नए वित्त वर्ष में किया जाएगा लांच

कोविड-19 की दूसरी लहर के कहर के बाद से ही इस महामारी के चलते लोगों पर पड़ रहे मानसिक दुष्प्रभाव की देश और विश्वभर के विशेषज्ञों में चर्चाएं हो रही हैं। वित्त मंत्री के इस एलान से साफ है कि विशेषज्ञों के आकलनों के साथ सरकार अपने अध्ययनों के आधार पर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ी चुनौतियों को लेकर गंभीर है। सीतारमण ने कहा कि बेशक महामारी ने हर वर्ग के लोगों की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ाई हैं। ऐसे में लोगों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक परामर्श और देखभाल सेवा शुरू करने के लिए राष्ट्रीय टेली मेडिसिन स्वास्थ्य कार्यक्रम नए वित्त वर्ष में लांच किया जाएगा। 23 टेली मेडिसिन हेल्थ सेंटर आफ एक्सलेंस भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा।

जानिए किसे सौंपा जाएगा इसका जिम्मा

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा राष्ट्रीय संस्थान निमहांस इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का नोडल सेंटर होगा। जबकि इस टेली मेडिसिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की तकनीकी सहायता का पूरा जिम्मा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ इनफारमेशन टेक्नोलाजी बेंगलुरु को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य बजट में इसके लिए विशेष आवंटन भी किया गया है।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan