रायपुर, एएनआइ। छत्‍तीसगढ़ (Chhattisgarh) में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए गए क्‍वारंटाइन सेंटर से यहां के नाहरी गांव निवासी 23 श्रमिक गुरुवार को भाग गए। दरअसल, बाहर से लौटे मजदूरों के लिए यहां के ब्‍वायज हॉस्‍टल को क्‍वारंटाइन सेंटर में तब्‍दील किया गया है। यह जानकारी दंतेवाड़ा (Dantewada) के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक पल्‍लव (Abhishek Pallav) ने दी।

ये सभी मजदूर आंध्र प्रदेश से लौटे थे। मिली जानकारी के अनुसार करीब 47 प्रवासी मजदूर वापस अपने पैतृक राज्‍य लौटे थे। सेंटर से भागे 22 मजदूरों का गुरुवार को कोविड-।9 का पहला जांच हुआ था और सभी स्‍पर्शोन्‍मुख (asymptomatic) पाए गए थे। जिला प्रशासन ने गांव के सरपंच और सचिव को सूचित कर दिया है। साथ ही फरार सभी मजदूरों की तलाश जारी है।  

अब तक बस्‍तर डिवीजन (Bastar division) से कोविड-19 का कोई मामला नहीं आया है। इस डिवीजन के अंतर्गत बस्‍तर (Bastar), कांकेड़ (Kanker), सुकमा (Sukma), कोंडागांव (Kondagaon), नारायणपुर (Narayanpur), दंतेवाड़ा (Dantewada) और बीजापुर (Bijapur) जिले आते हैं। अब तक छत्‍तीसगढ़ में कुल संक्रमण के 59 मामले साने आए जिसमें से 38 लोग स्‍वस्‍थ हो चुके हैं। 21 संक्रमितों का इलाज रायपुर के एम्‍स (All India Institute of Medical Sciences) में चल रहा है।

दूसरी ओर कर्नाटक के मंगलुरु में फंसे मजदूरों ने राज्‍य सरकार के समक्ष मांग रखी है कि उन्‍हें उनके पैतृक राज्‍य वापस भेज दिया जाए। शारीरिक दूरी बनाते हुए मास्‍क पहन सभी प्रवासी मजदूरों ने यहां विरोध प्रदर्शन भी किया। इसी बीच महाराष्‍ट्र से मध्‍यप्रदेश के लिए पैदल ही निकल पड़े मजदूरों को थकान के मारे ऐसी गहरी नींद आई की मालगाड़ी के आने की आहट का भी अंदाजा न लगा और हमेशा के लिए सोए ही रह गए।

देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू कर दिया गया जो आगामी 17 मई तक जारी रहेगा। इस क्रम में यात्रा प्रतिबंध व शारीरिक दूरी के पालन को लेकर सख्‍त नियम लागू की गई है।  इस बीच लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्‍यों में फंसे मजदूरों की वापसी के लिए केंद्र सरकार ने कई स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जिससे लाखों मजदूर अपने राज्‍य वापस लौट रहे हैं।

Posted By: Monika Minal

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