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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परमवीर चक्र शहीदों के नाम पर होगा अंडमान के 21 द्वीपों का नाम, पीएम मोदी करेंगे नामकरण

By Jagran NewsEdited By: Sonu Gupta
Published: Sat, 21 Jan 2023 07:48 PM (IST)Updated: Sat, 21 Jan 2023 10:23 PM (IST)

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की याद में मनाए जाने वाले पराक्रम दिवस के अवसर पर अंडमान निकोबार के 21 बेनाम द्वीपों ...और पढ़ें

परमवीर चक्र शहीदों के नाम पर होगा अंडमान के 21 द्वीपों का नाम। फाइल फोटो।
परमवीर चक्र शहीदों के नाम पर होगा अंडमान के 21 द्वीपों का नाम। फाइल फोटो।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की याद में मनाए जाने वाले पराक्रम दिवस के अवसर पर अंडमान निकोबार के 21 बेनाम द्वीपों का नामकरण 21 परम वीर चक्र सम्मानित शहीदों के नाम पर होगा। 23 जनवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन द्वीपों का नामकरण करेंगे। इस क्रम में सबसे बड़े बेनाम द्वीप का नाम पहले वीर चक्र सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर होगा। दूसरे सबसे बड़े द्वीप का नाम दूसरे वीर चक्र सम्मानित करम सिंह के नाम पर और इसी तरह होगा।

सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा गया है रास आइलैंड का नाम

मोदी सरकार के काल में नेताजी को अलग अलग माध्यमों से लगातार सम्मान दिया जा रहा है। उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला में इसी सरकार के काल में हुआ और उनसे जुड़े दस्तावेज भी सार्वजनिक किए गए। सरकार के इस काम को बंगाल की राजनीति से भी जोड़ा जाता रहा है। अंडमान के रास आइलैंड का नाम पहले ही सुभाष चंद्र बोस के नाम पर किया जा चुका है। उसी तरह नील आइलैंडऔर हेवलाक आइलैंड का नाम शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप किया जा चुका है।

राष्ट्रीय संग्रहालय का भी उदघाटन करेंगे पीएम मोदी

अमृतकाल में सरकार ने ऐसे वीरों को सामने लाने की कोशिश रही है जिन्हें भुला दिया गया है। इस क्रम में बड़े 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र से सम्मानित शहीदों के नाम पर होगा। उसी दिन प्रधानमंत्री बोस द्वीप पर उनकी याद में राष्ट्रीय संग्रहालय का भी उदघाटन करेंगे। मालूम हो कि युवाओं के लिए संसद के दरवाजे खोलने के लिए कई अहम कदम उठाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसी ही एक और पहल के रूप में आगामी 23 जनवरी को 80 युवाओं को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने का अवसर दिया है। इन युवाओं का चयन पूरे देश से किया गया है, जिनमें 35 लड़कियां और 45 लड़के शामिल हैं।

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