लखनऊ, एएनआइ। लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेराह विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी एक सिपाही को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत पर जेल से बाहर आने वाले सिपाही का नाम संदीप कुमार है। कोर्ट ने उसे सबूतों के अभाव में जमानत दी है।

मालूम हो कि विवेक तिवारी एप्पल कंपनी में एग्जीक्यूटिव थे। जमानत पाने वाला यूपी पुलिस का सिपाही संदीप कुमार, इस मामले में सह-आरोपी है। जिस वक्त दो पुलिसकर्मियों ने विवेक की गोलीमार हत्या की वह कार में अपने ऑफिस की सहयोगी के साथ मौजूद थे। विवेक हत्याकांड में आरोपी यूपी पुलिस के सिपाही संदीप कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश, जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने दिया है।

मामले में संदीप के वकील ने कोर्ट में उसे निर्दोष बताया था। साथ ही, बचाव पक्ष के वकील ने संदीप को गलत तरीके से मामले में फंसाने का दावा किया था। वहीं, राज्य सरकार और मृतक विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी द्वारा जमानत का विरोध किया गया था। इनका तर्क था कि आरोपी पुलिसकर्मी है। उसके खिलाफ हत्या करने के सभी पुख्ता सबूत हैं। बावजूद उसे रिहा किया गया तो वह इस केस को प्रभावित करेगा।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनन के बाद संदीप की जमानत याचिका मंजूर कर ली। हालांकि, संदीप को जमानत पर रिहा करने के साथ ही हाईकोर्ट ने कुछ आवश्यक शर्तें भी रखी हैं। पहली शर्त ये है कि संदीप जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा। वह केस से जुड़े गवाहों या तथ्यों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा।

मालूम हो कि विवेक हत्याकांड में संदीप कुमार के विरुद्ध पहले मारपीट की धाराओं में ही चार्जशीट फाइल की गई थी। इस आधार पर उसे जमानत भी मिल गई थी। हालांकि, बाद में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को उसके खिलाफ हत्याकांड में शामिल होने के पर्याप्त आधार मिलने लगे। इसके बाद कोर्ट ने उसे आत्मसमर्पण करने का आदेश देते हुए, हत्याकांड में शामिल होने का मामला शुरू किया। मामले में एक अप्रैल को सत्र न्यायालय ने संदीप की जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद संदीप ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील की थी, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने जमानत दे दी है।

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