नई दिल्ली [हरिकिशन शर्मा]। कालाधन निकालने को आम बजट में घोषित नई योजना पर विपक्ष के सवालों के बीच सरकार ने कहा है कि बीते दो साल में देश के भीतर 20,000 करोड़ रुपये कालाधन पकड़ा गया है। यह विशाल धनराशि छापेमारी की प्रक्रिया में पकड़ी गई है।

कालेधन की जांच डीआरआइ से करवाने का निर्देश

राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने दैनिक जागरण को विशेष साक्षात्कार में कहा कि बीते दो वर्षो में छापेमारी करके यह कालाधन पकड़ा गया है। छापेमारी में आरोपी इस राशि को स्वीकार कर चुके हैं। अभी आकलन (एसेसमेंट) बाकी है। अढिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 और चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक कुल 850 सर्च किए गए जिसमें करीब 20,000 करोड़ रुपये कालाधन पकड़ा गया है। इसके अलावा 7500 सर्वे किए गए हैं जिसमें 18,000 करोड़ रुपये अघोषित आय का खुलासा हुआ है।

इन सभी मामलों में अभी आकलन (एसेसमेंट) किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने आम बजट 2016-17 में इनकम डिस्क्लोजर स्कीम की घोषणा की है जिसके तहत कालेधन का खुलासा करने वालों पर आयकर के अलावा 15 प्रतिशत पेनॉल्टी लगाने का प्रावधान भी किया है। हालांकि सरकार की इस घोषणा को विपक्ष कालेधन के आरोपियों को एमनेस्टी कहकर आलोचना कर रहे हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एमनेस्टी योजना नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि से धन निकासी पर टैक्स लगाने संबंधी प्रस्ताव के बारे में अढिया ने कहा कि सरकार ने ईपीएफ पर टैक्स नहीं लगाया है, हमने यह कहा है कि जब आप रिटायर होते हैं तो 40 प्रतिशत धनराशि आप निकाल सकते हैं लेकिन बाकी 60 प्रतिशत आप एन्युटी में निवेश कीजिए ताकि आपको वृद्धावस्था में पेशन मिलता रहे। राजस्व सचिव ने कहा कि अगर लोग इस धनराशि को एन्युटी में डालेंगे तो कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर एन्युटी में नहीं निवेश करेंगे तो इस पर टैक्स लगेगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री कह चुके हैं कि संसद में संसद में चर्चा के दौरान जो भी सुझाव आएंगे उसके आधार पर इस पर विचार किया जाएगा।

Posted By: Lalit Rai

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