हैदराबाद, आइएएनएस। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा कोरोना वायरस उपचार के लिए विकसित 2डीजी (2-DG) को लेकर एक अध्ययन में दावा किया गया है कि यह कोरोना के सभी वैरिएंट से लड़ने के लिए असरदार है। किए गए शोध के निष्कर्ष में बताया गया कि 2-डीजी प्रभावी रूप से कोरोना संक्रमण के सभी वैरिएंट को रोकता है। इसका उपयोग उपचार के रूप में किया जा सकता है।

ग्लाइकोलाइटिक अवरोधक 2-डीजी (Glycolytic inhibitor 2-DG) शरीर की कोशिकाओं में कोरोना वायरस के सक्रमण को कम करती है। सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), हैदराबाद, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन के शोधकर्ताओं और एलाइड साइंसेज, दिल्ली एकेडमी फॉर साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च, गाजियाबाद के शोध में इसका दावा किया गया है। हालांकि, 2-डीजी के प्रभाव का विश्लेषण केवल दो अलग-अलग वेरिएंट (B.6 और B.1.1.7) पर किया गया है, लेकिन इसके एंटी-वायरल गुण कोरोना के सभी वेरिएंट पर असरदार साबित हुए।

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर अब काफी हद तक काबू में आ गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति को नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। पिछले दिनों कोरोना के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) विकसित करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने इस दवा को बनाने की तकनीक भारतीय दवा उद्योग को हस्तांतरित करने के लिए रुचि पत्र (एक्स्प्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट - ईओआई) आमंत्रित किए थे। ईओआई दस्तावेज की मानें तो इसके लिए आवेदन ईमेल के जरिए 17 जून से पहले भेजे जाने चाहिए। इसमें कहा गया है कि उद्योगों द्वारा दी जाने वाली ईओआई की एक तकनीकी आकलन समिति जांच करेगी।

बता दें कि डीआरडीओ ने इससे पहले 2-डीजी दवा के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइंस जारी की थीं। जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कोरोनामरीजों को डॉक्टरों की देख-रेख और प्रेस्क्रिप्शन के तहत ही यह दवा दी जाए। गाइडलाइंस में कहा गया है कि 2-डीजी दवा कोरोना के रोगियों के आपात इस्तेमाल के लिए ही है।

Edited By: Pooja Singh