नई दिल्‍ली, एजेंसी। Kargil Vijay Divas आज कारगिल विजय दिवस की 20वीं सालगिरह है। 20 साल पहले 26 जुलाई, 1999 को कारगिल की चोटी पर पाकिस्तान को हरा कर हमारे वीर जवानों ने तिरंगा फहराया था। लगभग दो महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवानों और अधिकारियों ने वीरगति पाई थी। इनमें 71 जवान जम्मू कश्मीर से थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत देश की दिग्‍गज हस्तियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पूर्व सैनिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। 

करगिल की 1889 मिसाइल रेजिमेंट (1889 Missile regiment) नाइक दीपचंद (Naik Deepchand) ने कहा कि मेरी बटालियन ने युद्ध के दौरान 10 हजार राउंड फायर किए थे। मुझे इस तथ्य पर गर्व है। हमारे मन में एक ही लक्ष्य था कि दुश्मन को हराना है। मैं यहां उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देने आया हूं जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाई।

करगिल युद्ध (Kargil war) में शहीद हुए कैप्‍टन विक्रम बत्रा (Capt Vikrambatra) के पिता जीएल बत्रा (GL Batra) ने कहा कि सरकार पाकिस्‍तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है क्योंकि यह दुश्‍मन देश लगातार आतंकियों की घुसपैठ और आतंकवाद को समर्थन दे रहा है। मैंने दिल्‍ली सरकार से परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) से सम्मानित जवानों के नाम पर दिल्‍ली की सड़कों का नाम रखने की गुजारिश की थी लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं आया। बता दें भारतीय सेना के कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

साल 1999 में जान गंवाने वाले भारतीय सेना के कैप्‍टन सौरभ कालिया (Capt. Saurabh Kalia) के पिता एनके कालिया (NK Kalia) ने कहा कि उड़ी और पुलवामा में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत सरकार ने कार्रवाई की। यदि वर्ष 1999 में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई होती तो पाकिस्‍तान हमारे सैनिकों के साथ बुरा बर्ताव नहीं करता।  

Posted By: Krishna Bihari Singh

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