नई दिल्ली। रमजान के मौके पर सद्भावना के तौर भारत द्वारा 88 पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा किए जाने के जवाब में पाकिस्तान ने 150 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। पाकिस्तान सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जबकि कुछ दिन पहले दोनों देशों के बीच वाक्युद्ध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को फोन करके उन्हें रमजान की बधाई दी थी और पाकिस्तानी मछुआरों को छोड़ने का एलान किया था।

पाकिस्तानी ने रमजान शुरू होने से पहले लांधी और मलिर जेल से 150 भारतीय मछुआरों को रिहा किया है। भारतीय मछुआरे शाम को कराची के छावनी स्टेशन से काराकोरम एक्सप्रेस से लाहौर के लिए रवाना हो गए और उन्हें आज वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

भारतीय मछुआरों के लिए ट्रेन की दो बोगियों को खासतौर पर आरक्षित कराया गया। मछुआरों के रवाना होने से पहले जेल अधिकारियों ने उन्हें फूल के गुलदस्ते और उपहार दिए। वहीं ईधी ट्रस्ट के अधिकारियों ने प्रत्येक मछुआरे को खर्च के लिए 100 अमेरिकी डॉलर (करीब 6000 रूपये) दिए। रिहा किए गए मछुआरों में ज्यादातर गुजरात के हैं।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 16 जून को शरीफ को फोन करके रमजान के मौके पर उन्हें बधाई दी और ‘शांतिपूर्ण’ एवं ‘मैत्रीपूर्ण’ द्विपक्षीय संबंधों की जरूरत पर जोर दिया। मोदी ने टेलीफोन वार्ता में शरीफ को रमजान के मौके पर हिरासत में मौजूद पाकिस्तानी मछुआरों की रिहाई के भारत के फैसले से अवगत कराया था।

इस कदम को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के जल क्षेत्र में जाने वाले मछुआरों को नियमित रूप से गिरफ्तार करते हैं। इस साल फरवरी में 172 भारतीय मछुआरों को मालिर जेल से रिहा किया गया था।

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Posted By: Sanjay Bhardwaj

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