नईदुनिया, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के तत्कालीन अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय के कार्यकाल की एक और गड़बड़ी सामने आई है। स्टाफ कमेटी की अनुशंसा के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने फर्जी अंकसूची पर नौकरी कर रहे कर्मियों के अलावा शासन के बगैर अनुमति पद न होने के बाद भी भर्ती करने के आरोप में 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष के वर्ष 2010 से 2015 के बीच के कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णय और अन्य कार्यो की जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए विशेष ऑडिट टीम का गठन किया गया था। इसमें एक दर्जन से ज्यादा बैंक के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनके द्वारा बीते डेढ़ वर्ष से जांच पड़ताल की जा रही है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल की गड़बड़ी सामने आ रही हैं। जांच के दौरान कर्मचारियों की भर्ती में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। 49 ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी नियुक्ति को जांच दल ने फर्जी करार दिया है। इनमें से संदीप जायसवाल, विकास गुदीवान, परेश गौतम, दिपेश थवाइत, उमेश शर्मा, प्रमोद वर्मा सहित 13 कर्मचारियों के प्रकरण को बीते दिनों स्टॅफ कमेटी के समक्ष रखा गया था। स्टाफ कमेटी ने पड़ताल के बाद बर्खास्तगी हो हरी झंडी दे दी थी।
कमेटी की अनुशंसा के बाद शुक्रवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ ने 13 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बगैर अनुशंसा की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत बैंक में 36 और कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh