नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और चीन शनिवार को सीमा विवाद को लेकर 12वें दौर की वार्ता कर रहे हैं। यह वार्ता कोर कमांडर स्तर की है और इसका आयोजन लद्दाख में चीन की तरफ स्थित माल्डो में किया गया है। सैन्य वार्ता की बातचीत के बारे में माना जा रहा है कि भारत को हॉट स्प्रिंग और गोगरा में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पर सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर विवाद है। पिछले दौर की वार्ता 9 अप्रैल को हुई थी। भारत ने तब स्पष्ट कर दिया था कि सीमा पर तनाव को कम करने के लिए यह जरूरी है कि चीन उन सभी इलाकों से पीछे हट जाए जिसे दोनों देश विवादित मानते हैं। 

अभी तक दोनों पक्षों के बीच 11 दौर की सैन्य वार्ता हुई है और इससे पैगोंग लेक के दोनों तरफ के इलाकों से सैनिकों की वापसी में मदद भी मिली है। इस बार तकरीबन साढ़े तीन महीने बाद बैठक हो रही है और इस देरी के पीछे वजह यह है कि चीन की तरफ से लगातार आनाकानी की जा रही है। फरवरी 2021 में पैगोंग लेक के पास से चीनी सैनिकों की वापसी के बाद से चीन का रवैया बदला हुआ है।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के कुछ हिस्सों से इस साल फरवरी में सैनिकों की वापसी के बाद से चीन का रवैया बदल गया है। वह बाकी के हिस्सों से अपने सैनिकों को हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल है। आज होने वाली कोर कमांडर स्तर की वार्ता में यह मुद्दा भी उठाया जाएगा।

गौरतलब है कि चीन ने मई, 2020 में एलएसी का उल्लंघन किया था। तनाव बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक व सैन्य स्तर की वार्ता शुरू हुई थी। 25 जून, 2021 को दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच बात हुई थी और यह तय किया गया था कि जल्द ही वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की अगली बैठक होगी।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan