यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जल मंत्रालय रिपोर्ट: उत्तर पूर्वी राज्यों का 100 प्रतिशत भूजल सिंचाई के लिए उत्तम श्रेणी का, कुछ क्षेत्रों में परेशानी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने सालाना भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर पूर्वी राज्यों यानी असम अरुणाचल ...और पढ़ें

HighLights
- जल शक्ति मंत्री पाटिल ने 2024 के लिए सालाना भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की
- सालाना भूजल रिचार्ज में मामूली गिरावट, 446.90 अरब घन मीटर पर पहुंचा
आइएएनएस, नई दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मंगलवार को 2024 के लिए सालाना भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर पूर्वी राज्यों यानी असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के शत-प्रतिशत भूजल नमूने सिंचाई के लिए उत्कृष्ट श्रेणी के मिले। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के कुछ क्षेत्रों को नाइट्रेट, फ्लोराइड और आर्सेनिक प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।
देश में कुल मिलाकर पानी कैल्शियम-बाइकार्बोनेट प्रकार का
देश में कुल मिलाकर पानी कैल्शियम-बाइकार्बोनेट प्रकार का है। भूजल गुणवत्ता का मूल्यांकन केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसका इस्तेमाल विभिन्न हितधारकों द्वारा आवश्यक कदम उठाने और आगे की योजना बनाने के लिए किया जा सकता है।
यह रिपोर्ट भूजल गुणवत्ता निगरानी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी को अपनाने वाली पहली रिपोर्ट है जोकि डाटा संग्रह, विश्लेषण और व्याख्या में एकरूपता सुनिश्चित करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 15,200 से अधिक निगरानी स्थानों और 4,982 प्रवृत्ति स्टेशनों पर केंद्रित आकलन से प्राप्त मजबूत डाटासेट के साथ यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
देश में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 446.90 अरब घन मीटर
रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 446.90 अरब घन मीटर(बीसीएम) है, जबकि 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 449.08 अरब घन मीटर था। गत वर्ष की तुलना में इसमें मामूली गिरावट यानी 2.18 बीसीएम की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में सालाना निकालने योग्य भूजल संसाधन का मूल्यांकन 406.19 बीसीएम के रूप में किया गया है जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 407.21 बीसीएम का था।
