मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

गुवाहाटी (जेएनएन)। असम में बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और गत 12 घंटे के दौरान 10 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही अब तक मरने वालों की संख्‍या 134 पर पहुंच गयी है। अप्रैल से ही यहां की नदियों में पानी का प्रवाह तेज है। ब्रह्मपुत्र सहित 6 नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

10 अगस्‍त को बाढ़ ने फिर से अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है और अब तक 49 लोगों की मौत हो गयी। बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि धुबरी जिले में तीन बच्‍चों और मोरिगांव में दो युवक की जानें गयी। धीमाजी, सोनितपुर, बारपेटा, दक्षिण सालमारा व नागांव जिले में भी एक-एक मौते हुईं हैं। असम राज्‍य आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया ब्रह्मपुत्र, धंसिरी, जिया भरली, कोपिलि, बेकी व कुशीयारा जैसी बड़ी नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं।

मुख्‍यमंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया कि सोनोवाल ने ब्रह्मपुत्र बोर्ड के अधिकारियों से माजुली में प्रोजेक्‍ट के निर्माण व बाढ़ से निपटने के लिए और भी संसाधन जुटाने का आग्रह किया है। इसके बाद सोनोवाल ने ट्वीट किया,’ राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड से बाढ़ का पानी कम होते ही राष्‍ट्रीय राजमार्ग का मरम्‍मत कार्य शुरू करने के लिए कहा है।‘ उन्‍होंने आगे कहा, ‘गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के लिए प्रभावी समाधानों को लेकर सितंबर में नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।' 

यह भी पढ़ें: यूपी, बिहार, असम और बंगाल में बाढ़ से तबाही, करीब 80 लाख लोग प्रभावित

Posted By: Monika minal

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप