संवाद सहयोगी, रादौर : शिव मंदिर अंधेरिया बाग प्रबंधक कमेटी की ओर से श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन भगवान विष्णु के 24 अवतारों की कथा सुनाई गई। इससे पूर्व सुबह यज्ञ के साथ देवपूजन हुआ। महंत यमुनागिरी शास्त्री व आचार्य इंदू शेखर पराशर की अगुवाई में आयोजित की जा रही कथा में प्रवचन करते हुए कथावाचक हिमांशुधर शास्त्री ने कहा कि भगवान विष्णु हमेशा अपने भक्तों का कल्याण करते है। भक्तों के कल्याण व दुष्टों के नाश के लिए ही भगवान विष्णु 23 अवतार ले चुके है। जबकि 24वां अवतार कलयुग में होना निश्चित है। श्री कृष्ण के रूप में जब उन्होंने अवतार लिया था तो उन्होंने कंस का वध किया। जिसके बाद महाभारत में उन्होंने गीता का संदेश दिया जो मानव जीवन की सच्चाई है। अगर हम भागवत गीता में निहित ज्ञान को जान ले तो हमें मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब जब पृथ्वी पर संकट आता है तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। 23 अवतारों में से भगवान विष्णु के 10 अवतार मुख्य माने जाते है। जिसमें मत्सय अवतार, वराह अवतार, कुर्म अवतार, नरसिंह अवतार, वामन अवतार, परशुराम अवतार, राम अवतार, कृष्ण अवतार इत्यादि। कलयुग में कल्कि अवतार भी निश्चित माना गया है। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में ईश्वर की भक्ति अवश्य करनी चाहिए। ईश्वर की भक्ति करने से न केवल मन की शांति मिलती है बल्कि मानव का कल्याण भी होता है। इस अवसर पर महंत यमुनागिरी शास्त्री, इंदू पराशर, एनके शर्मा, राकेश शर्मा, तिलकराज सैनी, उमेश सैनी, रवि प्रकाश, रूपचंद सैनी, प्रवीन बसंल, तेजपाल सैनी, विशाल चोपड़ा, प्रवीन सिगला, वासुदेव सैनी इत्यादि मौजूद रहे।

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