मुजफ्फरपुर, [अमरेंद्र तिवारी]। Muzaffarpur Health News: जिला स्वास्थ्य समिति में पद की रेवड़ी बंट रही है। सामुदायिक उत्प्रेरक को स्वास्थ्य प्रबंधक तो डाटा आपरेटर को जिला स्तर पर पदाधिकारी का दायित्व दिया जा रहा है। इसकी शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डा.यूसी शर्मा गंभीर हैं। सभी 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक, लेखापाल व सामुदायिक उत्प्रेरक की फाइल तलब की है। सीएस ने कहा कि जिस पद के लिए जिसकी बहाली है उसकी जगह पर दूसरे पद वाले से काम लेना नियम के खिलाफ है। राज्य स्वास्थ्य समिति की गाइडलाइन का पालन जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से होना चाहिए। पद खाली होने के साथ समय पर सूचना मुख्यालय को दी गई कि नहीं इसकी समीक्षा होगी। समय पर रिपोर्ट जाने के बाद वहां से मानव बल समय से मिल जाता है।

मैनेजमेंट का कोर्स करना अनिवार्य

जिला कार्यक्रम प्रबंधक बीपी वर्मा ने स्वीकार किया कि सामुदायिक उत्प्रेरक को स्वास्थ्य प्रबंधक की जवाबदेही दी है। वहीं कहा कि बहुत जल्द मानव बल की कमी दूर होने के बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य प्रबंधक के लिए मैनेजमेंट का कोर्स करना अनिवार्य है जबकि सामुदायिक उत्प्रेरक के लिए आवश्यक नहीं है।

कहां कौन पद पर काबिज

मड़वन पीएचसी में लंबे समय से सामुदायिक उत्प्रेरक प्रबंधक के पद पर काबिज है। सरैया के प्रबंधक पुष्कर को मुख्यालय में बुलाकर जिला सामुदायिक उत्प्रेरक कार्यालय में सहयोग लिया जा रहा है। वहां प्रबंधक को हटाकर सामुदायिक उत्प्रेरक से प्रबंधक का काम लिया जा रहा है। इसके विपरीत सकरा के स्वास्थ्य प्रबंधक को मुरौल का अतिरिक्त प्रभार है। वहां सामुदायिक उत्प्रेरक को जवाबदेही नहीं दी गई है। इसी तरह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए प्रखंड से आयुष चिकित्सक को बुलाकर नोडल की जवाबदेही दी गई है। यह चिकित्सक अगर प्रखंड में रहते तो मरीज की सेवा करते। यहां यह जवाबदेही किसी दूसरे कार्यक्रम पदाधिकारी जो सीनियर चिकित्सक है उनके पास रहना चाहिए। सिविल सर्जन डा. यूसी शर्मा ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति से प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, लेखापाल की फाइल तलब की गई है। कब से किस पीएचसी में पद खाली हैं, इसकी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को समय पर दी गई या नहीं इसकी समीक्षा के बाद कार्रवाई होगी। 

Edited By: Ajit Kumar