मेरठ, जागरण संवाददाता। खरखौदा में पति के स्मार्ट फाेन नहीं देने को लेकर हुए विवाद में पत्नी ने दो बच्चों का गला दबाकर हत्या की। उसके बाद दोनों के शव दुपटटे में बांध कर पेड़ पर लटकाए। उसके बाद खुद फांसी पर झूल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस ने मनोचिकित्सक से भी राय ली है, जिस पर मनोचिकित्सक ने बताया कि कुछ क्षण के आवेश में व्यक्ति इतना कुछ कर देता है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

स्‍मार्ट फोन पर हुई थी लड़ाई

खरखौदा के गोविंदपुर गांव में ट्रक चालक मुस्ताक का पत्नी आयशा (28) से मोबाइल को लेकर विवाद हो गया था। गुस्से में आकर मुस्ताक ने आयशा तो थप्पड़ मार दिया। उसके बाद आयशा ने गुस्से में आकर घर में रखे कपड़ों में आग लगा दी। उसके बाद फिर से दंपती में कहासुनी हो गई। तब गुस्से में आकर आयशा अपने दोनों बच्चे दो साल के आईफा और छह माह के अलफिशा के साथ घर से जंगल में चली गई थी। मुस्ताक पुलिस को साथ लेकर आयशा की तलाश कर रहा था। इसी बीच आयशा और दोनों बच्चों के शव जंगल में पेड पर लटके मिले। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों बच्चों की गला दबाने से मौत हुई है, जबकि आयशा की फांसी पर लटकने से जान गई है। सीओ अमित राय का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि आयशा ने दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद दोनों के शवों को फंदा बनाकर पेड़ पर लटकाया। उसके बाद आयशा ने खुद को फांसी लगा ली। पुलिस की अभी तक जांच में सामने आया कि मुस्ताक का उनकी हत्या से कोई वास्ता नहीं था। पुलिस ने मुस्ताक को क्लीनचिट दे दी है।

दोनों शव पेड़ पर कैसे लटकाए की बैठी जांच

सीओ किठौर अमित राय ने बताया कि दोनों बच्चों की हत्या और महिला के फांसी लगाने के मामले में जांच की जा रही है। अभी पड़ताल की जा रही है कि महिला ने दोनों बच्चों की हत्या कर शव को कैसे ऊपर लटकाया है। सीओ का कहना है कि हालांकि मनोचिकित्सक की राय है कि आवेश में व्यक्ति ऐसा कर सकता है।

Edited By: Taruna Tayal