भुवनेश्वर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। ओडिशा धीरे-धीरे बाढ़ की स्थिति गम्भीर होती जा रही है। महानदी में आयी बाढ़ ने आधा ओडिशा को अपनी चपेट में ले लिया है और इससे अब राजधानी भी अछूता नहीं रही है। राजधानी भुवनेश्वर में भी आज बाढ़ का पानी घुस गया है।

भुवनेश्वर के उपनगर बालीपटना और सुंदरपदा, हाईटेक प्लाजा, दयाल आश्रम पूरी तरह से जमग्न हो गया है। दया नदी में आयी बाढ़ के कारण भुवनेश्वर के उपनगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोग पानी के घेरे में आ गए हैं। इन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए दमकल विभाग की टीम को नियोजित कर दिया गया है।

लोगों की बढ़ी दिक्‍कतें  

जानकारी के मुताबिक दया नदी के बाढ़ का पानी सुन्दरपदा इलाके में तीन फुट ऊंचा सड़कों पर बह रहा है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। लोगों के घरों में जहां पीने का पानी खत्म हो गया है, वहीं बिजली कटौती से भी लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी तरह भुवनेश्वर के उपनगर बालीपटना में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बालीपटना प्रखंड के सारज राजस पंचायत के कृष्णपुर, मठसाही, बराहपुर और नेबटिया जैसे इलाके जलमग्न हो गए हैं। इन क्षेत्रों में दो से तीन फीट पानी बह रहा है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

चार जगहों पर टूटे बांध

विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने बुधवार पूर्वाह्न में मीडिया जानकारी देते हुए कहा है कि 2011 के बाद इतना पानी पहली बार देखा गया है। अभी तक चार जगहों पर बांध टूटने की खबर है। इसे मरम्मत करने का प्रयास जारी है। आगामी 24 घंटा हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है।

मुंडली में 12 लाख क्यूसेक पानी रूका था, जो कि 2011 के बाद पहली बार इतना पानी रूका था। आज सुबह 6 बजे यहां पानी फ्लोर कम हुआ है। केन्दुझर, जाजपुर से प्रवाहित होने वाली बैतरणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। मोबाइल आरो मिनरल वाटर की व्यवस्था की गई है।

Edited By: Babita Kashyap