डीएम के गोद लिए विद्यालयों के 425 बच्चों को बांटी औषधि

जागरण संवाददाता, बांदा : जिलाधिकारी ने गोद लिए डिंगवाही और कतरावल में मंगलवार को बच्चों के बीच समय बिताया। उन्होंने बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए उन्हें च्वयनप्राश और अश्वगंधा चूर्ण वितरित किया। साथ ही स्वर्ण प्राशन ड्राप भी पिलाया। कहा कि बच्चे इसका नियमित सेवन करें। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने गोद लिए प्राथमिक विद्यालय डिंगवाही एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट कतरावल में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, पतौरा (आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) के सौजन्य से औषधि का वितरण कराया। डिंगवाही में 225 एवं कतरावल में 200 बच्चों को निश्शुल्क आयुर्वेदिक कैंप लगाकर च्यवनप्राश एवं अश्वगंधा चूर्ण का वितरित कराया। बच्चों को स्वर्णप्राशन ड्राप पिलाया गया। डीएम ने बच्चों से कहा कि च्यवनप्राश एवं अश्वगंधा चूर्ण का सेवन प्रतिदिन करें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और रोगों से बचाव करती है। कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राजेश राजपूत ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। अश्वगंधा एवं च्यवनप्राश के लाभ बताए। कहा कि अश्वगंधा के सेवन से बच्चों की हड्डियां एवं मांसपेशियां मजबूत होती है और बच्चों के मानसिक शक्ति का भी विकास होता है। जिन बच्चों को बार-बार खांसी जुकाम, बुखार होता है एवं बार-बार दस्त लगते है, भूख नहीं लगती है, खून की कमी, चिड़-चिड़ापन, पेट में कीड़े होते हैं, उनके लिये च्यवनप्राश बहुत ही लाभप्रद है। इसी प्रकार स्वर्णप्राशन से बच्चों की मेधा शक्ति बढ़ती है एवं बच्चे आयुष्य होते हैं। उनका शारीरिक व मानसिक विकास अच्छा होता है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान डिंगवाही व कतरावल सहित अभिभावक मौजूद रहे।

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