सामूहिक हत्याकांड के सजायाफ्ता रघुवीर सिंह की मौत

जागरण संवाददाता, हमीरपुर : मुख्यालय के चर्चित सामूहिक हत्याकांड के सजायाफ्ता शराब व्यवसायी रघुवीर सिंह की बीमारी के चलते सोमवार रात 11 बजे मौत हो गई। लंबे समय से बीमारी व उम्रदराज होने के चलते करीब दो वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने सजायाफ्ता को जमानत दी थी। इसी मामले में नैनी जेल में सजा काट रहे मृतक के बेटे आशुतोष सिंह ने अंतिम संस्कार के लिए जिला मजिस्ट्रेट से कस्टडी पैरोल मांगी है।

26 जनवरी 1997 को शहर के सुभाष बाजार में मुख्यालय निवासी राजीव शुक्ला के परिवार के पांच सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल, शराब व्यवसायी रघुवीर सिंह उसके बेटे आशुतोष सिंह सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई थी। जुलाई 2002 में कोर्ट ने 10 आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट के फैसले के खिलाफ स्टेट अपील हुई। अप्रैल 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अशोक सिंह चंदेल सहित नौ को उम्रकैद सुनाई थी। फैसले के बाद 13 मई को अशोक चंदेल, रघुवीर सिंह व उसके बेटे समेत अन्य ने कोर्ट में सरेंडर किया था। हाईकोर्ट से सजा होने के बाद 85 वर्षीय रघुवीर सिंह जेल में ही बीमार होने पर कानपुर के उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी दौरान बीमारी का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका डाली। सुप्रीम कोर्ट ने आठ डाक्टरों की टीम की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी। दूसरी बार जुलाई 2020 में डाली गई जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी। इसे वादी भाजपा नेता राजीव शुक्ला ने बताया कि कोरोना व उम्रदराज होने के चलते आरोपित को लाभ मिलने की बात कही थी। वहीं बीमारी से जूझ रहे रघुवीर सिंह ने सोमवार रात कानपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिस पर पिता के अंतिम संस्कार के लिए नैनी जेल में सजा काट रहे रघुवीर सिंह के बेटे आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू सिंह द्वारा वकील के माध्यम से कस्टडी पैरोल की मांग की गई है। जिस पर डीएम ने नैनी जेल प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।

सजा काट रहे आरोपित

मामले में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल, आशुतोष उर्फ डब्बू सिंह, उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह, नसीम, श्याम सिंह, साहब सिंह और भान सिंह अलग-अलग जेलों में सजा काट रहे है। केवल रघुवीर सिंह को ही जमानत मिली थी। जबकि झंडू सिंह की पहले मौत हो चुकी है।

आशुतोष की अंतरिम जमानत मंजूर

पिता की मौत पर अंतिम संस्कार के लिए आशुतोष सिंह के अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। आशुतोष सिंह के स्थानीय अधिवक्ता प्राणेश सिंह ने बताया कि न्यायमूर्ति यूयू ललित, रविंद्र भाट व सुधांशु धुलिया ने सुनवाई के बाद 14 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। समय खत्म होने पर उन्हें सीजेएम प्रयागराज के समक्ष सरेंडर करने के आदेश दिए है। बताया कि जिला मजिस्ट्रेट को भी कस्टडी पैरोल के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है।

Edited By: Jagran