विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उपचुनाव नहीं लड़ेंगी ममता... नंदीग्राम और रेजीनगर से पार्टी ने उतारे प्रत्याशी, ऋतब्रत गुट ने कसा तंज

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:07 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 12:01 AM (IST)

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में ममता बनर्जी खुद मैदान में नहीं उतरेंगी

ममता बनर्जी के खुद मैदान में उतरने की अटकलों पर विराम (फाइल फोटो)

ममता बनर्जी के खुद मैदान में उतरने की अटकलों पर विराम (फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में दो विधानसभा सीटों- नंदीग्राम और रेजीनगर में अगले माह होने वाले उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद मैदान में उतरने की अटकलों पर विराम लग गया है।

ममता के नेतृत्व वाली कालीघाट तृणमूल ने दोनों सीटों के लिए रविवार शाम अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पार्टी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम सीट से संचिता प्रधान (दे) और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से रबिउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।

6 अक्टूबर को मतदान

इस घोषणा के साथ ही नंदीग्राम या रेजीनगर से ममता के चुनाव लड़ने की लंबे समय से चल रही अटकलें खत्म हो गई हैं। पार्टी के चुनाव चिन्ह (सिंबल) को लेकर तृणमूल के दोनों धड़ों में जारी लड़ाई के बीच कालीघाट खेमे ने दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की पहले घोषणा की है। दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान होना है।

दो सीटों पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। मालूम हो कि इस साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम और कोलकाता के भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव जीते थे। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी थी।

उन्होंने अपने पुराने गढ़ नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते यहां उपचुनाव हो रहा है। इसी तरह आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने भी मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों- रेजीनगर और नाउदा से जीत दर्ज की थी। कबीर ने भी बाद में रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते वहां उपचुनाव हो रहा है।

ममता के नहीं उतरने पर ऋतब्रत तृणमूल का तंज

उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस इस समय दो धड़ों में बंटी हुई है। एक ओर ममता बनर्जी समर्थित कालीघाट तृणमूल है, जबकि दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी समर्थक धड़ा खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहा है। ऋतब्रत धड़े ने यहां तक कहा था कि यदि ममता मैदान में उतरती हैं तो वह अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगा।

हालांकि, कालीघाट तृणमूल ने अब ममता के बजाय संचिता प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। कालीघाट तृणमूल द्वारा प्रत्याशी की घोषणा के बाद ऋतब्रत गुट के विधायक मदन मित्रा ने तंज कसते हुए कहा कि मेरा अनुमान है कि नंदीग्राम में जीत का अंतर 50 हजार हो जाएगा। 

भाजपा प्रत्याशी 50 हजार वोट से जीतेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सामने संचिता या बंचिता कोई फैक्टर ही नहीं हैं।

यह भी पढ़ें- 'हम उम्मीदवार नहीं उतारेंगे...'; नंदीग्राम उपचुनाव में TMC के बागी गुट का ममता बनर्जी को ऑफर