संवाद सहयोगी, कपूरथला : श्री गुरु तेग बहादुर सेवा सोसायटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह और सभी भक्तों के सहयोग से गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शेखूपुर में ज्ञानी हरबंस सिंह की स्मृति को समर्पित एक महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। श्री अखण्ड पाठ साहिब जी के भोग के बाद भाई आत्मजीत सिंह और श्री गुरु रामदास अकादमी सैदोवाल और भाई नरिदर सिंह (माता कौलां जी वेलफेयर सेंटर ट्रस्ट अमृतसर) के बच्चों ने रसभिन्ने कीर्तन से संगत को मंत्रमुग्ध किया।

परमजीत सिंह शेखूपुर ने मंच का कर्तव्य निभाते हुए सभा को संबोधित किया और बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब धुर की बाणी के अवतार हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु-परमेश्वर जोती के रूप में विराजमान हैं और सरगुन के रूप में अमृत बाणी (शब्द) और जाहीरा जहूर, दर्शन दीदार और निर्मल प्रवचन देकर भक्तों को निहाल कर रहे है। धर्मगुरु सुखविदर मोहन सिंह भाटिया ने धन्यवाद देते हुए कहा कि ज्ञानी हरबंस सिंह ने हमेशा गुरसिखी जीवन को प्राथमिकता दी है और गुरबाणी पर आधारित जीवन जीने का संदेश दिया है। आज की युवा पीढ़ी में धार्मिक ज्ञान होना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर दस्तार, दोमाला और सिख रूप में आए सभी बच्चों, धार्मिक व सहयोगी हस्तियों को बैज व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हरभजन सिंह चीमा, एडवोकेट शमशेर सिंह, एडवोकेट चरणजीत सिंह, दलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, इंद्रजीत सिंह, परमजीत सिंह मठारु, तरविदर मोहन सिंह भाटिया, जसपाल सिंह खुराना, सुरिदर पाल सिंह, सुरजीत सिंह विक्की, लखबीर सिंह शाही, जोध सिंह, अमरीक सिंह, दर्शन सिंह, बलदेव सिंह, सुखविदर मोहन सिंह भाटिया, धनप्रीत सिंह भाटिया, महिदरपाल सिंह और श्री गुरु तेग बहादुर सेवा सोसायटी के सभी सदस्य उपस्थित थे।

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