संस, लुधियाना : एसएस जैन सभा सिविल लाइंस के तत्वाधान व संघशास्ता गुरुदेव सुदर्शन लाल महाराज के सुशिष्य प्रवचन प्रभावक गुरुदेव मुकेश मुनि महाराज ठाणा-4 के सानिध्य में जैन स्थानक चातुर्मास सभा का आयोजन जारी है। इस अवसर पर मुनि मुकेश महाराज ने कहा कि द्वेष भी बड़ा खतरनाक होता है, क्योंकि वैर विरोध कभी कम नहीं होता, सदा बढ़ता ही जाता है। सच्चाई दो तरह की होती है। व्यवाहारिक सच्चाई और वास्तविक सच्चाई। ये बीवी बच्चे, मकान दुकान मेरे है। यह व्यावहारिक सच्चाई है।

वास्तविक सच्चाई ये है कि शरीर भी तेरा नहीं है। सिकंदर को इस सच्चाई का अनुभव जीवन के अंतिम क्षणों में हुआ। उसने अपने आदमियों को आदेश दिया जब मेरी अर्थी निकाली जाएं तो मेरे दोनों हाथ अर्थी से बाहर रखे ताकि दुनियां देख सके कि सिकंदर ने बटोरा तो बहुत पर खाली हाथ जा रहा है। गुरु अचल शिष्य मुनि मधुर वक्ता श्री अतिशय मुनि महाराज ने कहा कि थोड़ा-थोड़ा दुखों में भी सुख ढूंढने का प्रयास करो। सात सूत्र जिनसे हम दुखों से सुख ढूंढ सकते है। कष्ट के समय अपने महापुरुषों का जीवन याद करें। राम कृष्ण, महावीर पर अनेक कष्ट आए पर उन्होंने सारे कष्ट शांति से सहन किए। अपने दुखों को अपने ही कर्मों का फल समझें। दुख के समय अपने से अधिक दुखी को देखें। अपने नजरिए को सकारात्मक रखें। प्रतिदिन प्रात आनंद से बोले कि मैं सुखी हूं। मैं बहुत से सुखी हूं।

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