लखनऊ, जागरण संवाददाता। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-यूजीसी की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों से बार-बार कहा जा रहा है कि वह छात्रों की डिग्री और मार्कशीट को डिजिलाकर पर उपलब्ध कराएं। जिससे छात्र- छात्राएं अपनी सुविधा के अनुसार, जब चाहे जहां चाहे डाउनलोड कर सकें। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि डिजिलाकर में उपलब्ध डिग्री, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज पूरी तरह से वैध माने जाएंगे। जहां जरूरत हो, छात्र- छात्राएं इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं।

लखनऊ के कई उच्च शिक्षण संस्थान डिजिलाकर पर रजिस्टर्ड हैं, लेकिन कई संस्थान अभी भी इससे दूर हैं। डिजिलाकर पर इन संस्थाओं के न होने की वजह से छात्र-छात्राओं को इन संस्थानों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सत्यापन के लिए उन्हें विश्वविद्यालय में अपने डाक्यूमेंट भेजने पड़ रहे हैं।

आधार कार्ड से रजिस्ट्रेशन : लखनऊ के करीब सात शिक्षण संस्थान डिजिलाकर पर रजिस्टर्ड हैं। इन विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राएं अपने मोबाइल पर डिजिलाकर डाउनलोड कर सकते हैं। आधार कार्ड डालकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान जिस नंबर पर आधारकार्ड जुड़ा हुआ है। उस नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालकर अभ्यर्थी अपने संस्थान का नाम, रोल नंबर और वर्ष डालकर अपने प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

ये हैं संस्‍थान 

  • एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय
  • भातखंडे संगीत संस्थान
  • डा. शंकुतला मिश्रा राष्ट्रीय पुर्नवास विश्वविद्यालय
  • इंटीग्रल यूनिवर्सिटी
  • ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय
  • किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी
  • लखनऊ विश्वविद्यालय

ये अभी नहीं दिखे

  • डा. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय
  • बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय

बस मोबाइल रखिए, अन्य डाक्यूमेंट की जरूरत नहीं : डिजिलाकर पर केवल शैक्षणिक प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की सुविधा नहीं है। बल्कि इसके साथ ही अन्य सुविधाओं के लिए भी डिजिलाकर का उपयोग किया जा सकता है। मसलन ड्राइविंग लाइसेंस, गैस का कनेक्शन, गाड़ी के कागजात, आधार कार्ड, पैनकार्ड सहित अन्य सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं। जो मूल प्रमाणपत्र की तरह वैध हैं।

Edited By: Vrinda Srivastava