संवाद सहयोगी, मंडी : मंडी जिले के कोटली, कनैड, भांवला व जोगेंद्रनगर में छह मवेशियों में लंपी रोग के लक्षण पाए गए हैं। पशुपालन विभाग की विभिन्न टीमों ने सैंपल लेकर भोपाल स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए है। पशुओं को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए 10 हजार वैक्सीन का आर्डर दिया गया है।

मंडी जिले कुछ क्षेत्रों में पशुओं में लंपी रोग के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। पहला मामला कोटली क्षेत्र के कासन गांव में सामने आया है। पशुपालन विभाग की टीम ने सोमवार को कोटली के कासन गांव में पहुंच कर सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। इसके बाद सरकाघाट हलके के भांवला में तीन, जोगेंद्रनगर में एक व नाचन हलके के कनैड में एक पशु में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं।

लंपी एक संक्रामक रोग है। इसकी चपेट में आने वाले पशुओं को बुखार आता है। पशु के पूरे शरीर में गांठ व छाले पड़ जाते है। धीरे-धीरे पशु घास खाना छोड़ देता है। कुछ ही दिन में पशु की मौत हो जाती है। जीव जंतु कल्याण अधिकारी मदन पटियाल ने पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर से आग्रह किया है कि विभाग के फील्ड स्टाफ को गांव-गांव में पशुओं की जांच करने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पशुओं को बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सके। मंडी जिले में कुछ पशुओं में लंपी रोग के लक्षण पाए गए हैं। भोपाल स्थित प्रयोगशाला में सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पक्के तौर पर कहा जा सकता है। एहतियात के तौर पर 10 हजार वैक्सीन का आर्डर दे दिया है। एक-दो दिन में वैक्सीन का आर्डर पहुंच जाएगा।

-डा. संजीव, उपनिदेशक पशुपालन विभाग मंडी।

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