संसू., सूर्यगढ़ा (लखीसराय) : जम्मू-कश्मीर में पदस्थापित इंडो-तिब्बत बोर्डर पुलिस (आइटीबीपी) के जवान अभिराज कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार की रात प्रखंड के खेमतरणी स्थान स्थित घर पहुंच गया। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। हर तरफ भारत माता की जय और बलिदान अभिराज अमर रहे के नारे लगा जा रहे थे। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि स्थानीय किऊल नदी के गौरी शंकर धाम घाट पर की गई। अभिराज कुमार का छोटा भाई रविद्र कुमार उर्फ छोटू ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उन्हें सशस्त्र सलामी दी गई। जानकारी हो कि 16 अगस्त को अमरनाथ से ड्यूटी करके लौट रहे आइटीबीपी जवानों से भरी बस पहाड़ी से सीधे खाई में गिर गई। इसमें अभिराज सहित सात जवान बलिदान हो गए थे। गुरुवार को अंत्येष्टि के पूर्व खेमतरणी स्थान से गौरीशंकर घाट तक बड़ी शव यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लिए हजारों लोग इसमें शामिल हुए थे। सूर्यगढ़ा के विधायक प्रहलाद यादव, जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, जदयू जिलाध्यक्ष रामानंद मंडल सहित अन्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधायक ने बलिदान अभिराज के पिता सुरेंद्र राम से मिलकर सांत्वना दी। खेमतरणी स्थान से गौरीशंकर धाम घाट तक में जगह-जगह लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। रास्ते में जकड़पुरा के पूर्व मुखिया कृष्णनंदन पासवान, सूर्यगढा बाजार में शहीद स्मृति चौक पर प्रमुख व्यवसायी अनिल वर्मा, शंभु वर्मा, अंकित केडिया, मोनू केडिया, शहीद द्वार सलेमपुर के समीप चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल, सचिव प्रेम महाजन, पूर्व अध्यक्ष सह लोजपा नेता रविशंकर सिंह अशोक, प्रमुख व्यवसायी जयशंकर अग्रवाल, ओम प्रकाश साह आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित की।

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राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से अभिराज को दी गई विदाई

गुरुवार को अभिराज कुमार की अंत्येष्टि गौरी शंकर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ की गई। मुखाग्नि से पूर्व जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। फिर सलामी में आकाशी फायरिग की। गौरी शंकर घाट पर सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। प्रशासन की ओर से बीडीओ अखिलेश कुमार, सीओ सुमित आनंद, सर्किल इंस्पेक्टर विजय शंकर प्रसाद, थानाध्यक्ष राजीव कुमार मौजूद थे।

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अभिराज की शव यात्रा देखते बच्चा हुआ बेहोश बाद में मौत

खेमतरणी स्थान में बलिदान आइटीबीपी जवान अभिराज कुमार की शव यात्रा देखने के दौरान राजेंद्र गोस्वामी के आठ वर्षीय नाती बेहोश होकर गिर गया। उसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार बालक गांव स्थित एनएच पर से शव यात्रा देख रहा था। काफी संख्या में लोगों की भीड़ देकर वह बेहोश हो गया। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से स्वजन इलाज के लिए सूर्यगढ़ा स्थित निजी अस्पताल ल गए जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बालक अपने नाना के यहां रहता था तथा दो दिनों से बीमार था। भीड़ देखकर वह बेहोश हो गया फिर होश ही नहीं आया।

Edited By: Jagran