संवाद सहयोगी, लखीसराय : सरकार के राजस्व विभाग ने बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत सभी तरह की सेवाओं को आनलाइन कर दिया है। साथ ही हर प्रकार की सेवा के लिए समय भी निर्धारित तय की गई है। इसके लिए सभी अंचलों में आरटीपीएस काउंटर संचालित है। वहां सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के अलावा दाखिल खारिज, जमाबंदी का कार्य किया जाता है। खासकर सबसे अधिक मामले दाखिल खारिज के आते हैं। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के बाद भी रैयतों को दाखिल खारिज कराने में पसीना छूटता है। बताया जाता कि अंचल कार्यालय के कर्मियों की कारगुजारी का खामियाजा रैयतों को रोज भुगताना पड़ता है। यही कारण है कि दाखिल खारिज के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। ----

जिले में दाखिल खारिज की स्थिति

जिले में अबतक दाखिल खारिज के कुल 64,783 आवेदन आनलाइन प्राप्त हुआ। इसमें 35,842 आवेदनों का निबटारा किया गया। 23,425 आवेदनों को सीओ ने रद कर दिया। 5,516 आवेदन अभी लंबित है। सबसे अधिक जिले में लखीसराय अंचल के सीओ ने 10,209 दाखिल खारिज के आवेदन रद किए गए हैं। सूर्यगढ़ा सीओ ने 3,353, रामगढ चौक सीओ ने 2,873, चानन सीओ ने 2,498, हलसी सीओ ने 1,817, बड़हिया सीओ ने 1,800 आवेदनों को रद किया गया है। ----

रैयतों का आरोप बिना चढ़ावा का नहीं होता काम

लखीसराय के विधायक सह बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के साप्ताहिक जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में लखीसराय अंचल सहित कई अंचल क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक किसान, रैयत और ग्रामीणों ने आवेदन देकर शिकायत की है। चढ़ावा दिए बिना दाखिल खारिज, परिमार्जन सहित अंचल से जुड़े राजस्व का कोई भी कार्य नहीं होता है। इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने खुद राजस्व विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सभी सीओ को चेतावनी देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने तथा जनता का कार्य समय पर करने की हिदायत भी दी है। ----

जिले के सभी अंचलों में मेरे द्वारा और जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा राजस्व कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। खास कर दाखिल खारिज, परिमार्जन मामलों की गहन समीक्षा की जा रही है। बेवजह किसी भी रैयतों के आवेदनों को रद नहीं करने का निर्देश सभी सीओ को दिया गया है। कहीं से भी शिकायत मिलती है तो उसपर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाती है।

इबरार आलम, एडीएम, लखीसराय।

Edited By: Jagran