रांची, जागरण संवाददाता। Meteorological Department Jharkhand राजधानी रांची समेत आसपास के जिलों में गुरुवार को करीब छह घंटे तक हुई वर्षा ने किसानी की उम्मीदें जगा दी हैं। यह वर्षा वैसे किसानों के लिए उपयोगी साबित हुई है, जिन्होंने पहले ही बिचड़े की रोपाई कर दी। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार अगले एक सप्ताह तक पूरे राज्य में अच्छी वर्षा की संभावना है। 16 अगस्त तक राज्य के सभी हिस्सों में हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा होगी। वहीं 13 अगस्त को रांची, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, खूंटी और 14 अगस्त को दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी व पश्चिमी ङ्क्षसहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां में और पश्चिमी हिस्से यानी पलामू, गुमला, चतरा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

दस दिनों तक झारखंड में दिखेगा बंगाल का असर

पिछले तीन दिनों से पूरे राज्य में अच्छी वर्षा हो रही है। राज्य में वर्षापात की बात करें तो दो माह के अंदर 4 मिमी अधिक हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वरीय विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक और लो प्रेशर जोन तैयार हो रहा है। इसका असर आगामी दस दिनों तक पूरे राज्य में दिखाई देगा। हालांकि एक जून से चार अगस्त तक के आंकड़ों पर गौर करें तो 24 में से सिर्फ दो जिलों में ही सामान्य वर्षा हुई है। बाकी जगहों पर अच्छी फसल लायक वर्षा नहीं हुई है। पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे अधिक वर्षा रामगढ़ में 161.8 मिमी रिकार्ड की गई। जबकि सबसे अधिक तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस मेदिनीनगर का और न्यूनतम सबसे कम 22.5 डिग्री सेल्सियस रांची का रिकार्ड किया गया। राजधानी रांची में बुधवार को 47 मिलीमीटर, जबकि गुरुवार 62 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। दो दिनों से हो रही वर्षा से किसानों की उम्मीदें जगी हैं। किसानों को उम्मीद है कि दो-तीन दिनों तक यूं ही वर्षा हुई तो घर चलाने लायक धान लगा सकते हैं।

बीते तीन दिनों की बारिश से औसत में सुधार

पूरे राज्य में 319 मिमी वर्षा हुई है। अब तक 607 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। राज्य में सामान्य से करीब 47 से घटकर 44 मिमी वर्षा कम हुई है। वहीं राजधानी में 450 तथा जमशेदपुर में 636 मिमी से अधिक वर्षा हुई है। मेदिनीनगर में 348, बोकारो में 328 तथा चाईबासा में 461 मिमी वर्षा हुई है। हालांकि इसके बाद भी राज्य में सुखाड़ के आसार हैं। 11 अगस्त तक राज्य में 616.5 मिमी औसत वर्षा की जगह 348.3 मिमी वर्षा हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 12 अगस्त को छोड़कर आने वाले कुछ दिनों तक पूरे झारखंड में मध्यम दर्जे की वर्षा का अनुमान है। इससे काफी हद तक किसानों की परेशानी कम हो सकती है। रांची के ज्यादातर तालाब भर गए हैं। राज्य में सबसे खराब स्थिति पलामू की है। जिला प्रशासन ने 100 प्रतिशत सुखाड़ की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम एवं पर्यावरण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डा. रमेश कुमार ने बताया कि इस वर्षा का फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में ही रोपनी कर ली है।

Edited By: M Ekhlaque