संवाद सहयोगी, भूली: जन्‍माष्‍टमी में भगवान श्री कृष्‍ण का बाल स्‍वरूप बड़ा ही मोहक लगता है। नन्‍हें बच्‍चे भी कान्‍हा के स्‍वरूप को खुब प्रसंद करते है। व‍िद्यालयों में भी छात्र-छात्राएं, राधे-कृष्‍ण की वेशभूषा धारण करते है। इसी दौरान सरस्वती विद्या मंदिर भूलीनगर में जन्माष्टमी के उपलक्षय में श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पूरा व‍ि‍द्यालय ही बाल गोपाल से भरा लग रहा था। कुछ बच्‍चे तो साक्षात श्री कृष्‍ण के बाल स्‍वरूप के जैसे ही प्रतीत हो रहे थे। प्रत‍ियोग‍िता में व‍िजेता भैया - बहनो को अत‍िथ‍ि ने पुरस्कृत किया। रूप सज्जा प्रतियोगिता में कक्षा प्रवेश से पंचम तक के भैया बहनों ने राधा कृष्ण का मनमोहक रूप धारण क‍िया था।

  प्रतियोगिता तीन चरणों मे खत्म हुई। पहले चरण में शिशु प्रवेश के भैया द्वारा भगवान कृष्ण के घुटने के बल चलने की लीला प्रस्तुत की गई। कक्षा प्रथम से पंचम के भैया बहनों ने राधा कृष्ण की जोड़ी को प्रस्तुत किया।

ये बने व‍िजेता

शिशु प्रवेश के भैया सुनील कुमार को प्रथम, परी को द्वितीय एवं कौशिक कुमार को तृतीय पुरस्कार मिला। जबकि राधा कृष्ण की जोड़ी प्रतियोगिता के लिए तृषा शर्मा, आर्यन रंजन, तृतीय यशराज सिंह, विवेक कुमार, प्रथम देव सिंह, निशा कुमारी। राधा रूप में प्रथम आस्था कुमारी द्वितीय पीहू कुमारी एवम तृतीय श्वेता कुमार को पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम कि शुरुआत विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि सुनीता सिंह, विद्यालय मातृ भारती की अध्यक्षा संगीता कुमारी ,विद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ राम सुधीर सिंह एवं प्रधानाचार्य शिव बालक प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन से किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव बालक प्रसाद सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी धरोहर है। इस प्रकार के कार्यक्रम का उद्देश्य बाल्यावस्था में हीं छात्रों को अपनी महान संस्कृति से अवगत कराना है। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सपना शर्मा एवं विद्युत दत्त ने निभाई। कार्यक्रम का संयोजन प्राथमिक खंड प्रमुख अनुराधा कुमारी ने किया। जबकि कार्यक्रम के सफल संचालन में राखी भट्टाचार्या,मीनाक्षी कुमारी, अनुराधा कुमारी, जया कुमारी, सोनाली सोनम ने भूमिका निभाई।

Edited By: Atul Singh