कानपुर, जागरण संवाददाता। नंदलाल का जन्मोत्सव 19 अगस्त को शहर के प्रमुख मंदिरों में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए जेके मंदिर, इस्कान मंदिर, सनातन धर्म मंदिर कौशलपुरी में तैयारियां जोरों पर हैं। कान्हा के जन्मोत्सव पर शंखनाद के साथ अभिषेक पूजन किया जाएगा।

दो वर्ष बाद कोरोना की बंदिशों से मुक्त होकर भक्त राधा-माधव के दर्शन करेंगे। जेके मंदिर में मध्यरात्रि को भगवान का जन्मोत्सव विधिवत रूप से मनाया जााएगा। वहीं, इस्कान मंदिर में 151 रजत कलशों से भगवान का अभिषेक पूजन किया जाएगा। मंदिर में भगवान के जन्म से बाल्यावस्था तक की मनोहारी झांकी भक्तों को दिखाई जाएगी।

इस्कान मंदिर में होगा भव्य आयोजन

मैनावती मार्ग स्थित इस्कान मंदिर की ओर से 18 से 21 अगस्त तक महाजन्मोत्सव मनाने के लिए पूरे शहर को आमंत्रित किया गया है। मंदिर को विदेशी पुष्पों से सजाया जा रहा है। राधा-माधव का शृंगार भी फूलों से किया जाएगा। मंदिर में सांस्कृतिक नृत्य, भजन गायन, कृष्ण लीला झांकी और रंगोली भक्तों को आकर्षित करेगी।

युवा पीढ़ी को संस्कारों से परिचित कराने के लिए विशेष प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें चित्रकला प्रदर्शनी, कृष्ण पहेली, सांस्कृतिक वेशभूषा प्रतियोगिता, निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे।

इस्कान मंदिर के मीडिया प्रभारी प्रशांत ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर भागवत विशेषज्ञों द्वारा अवतरण की कथा महिमा का गान किया जाएगा। वहीं, सनातन धर्म मंदिर में इस बार निर्माण कार्य के चलते जन्मोत्सव का आयोजन नहीं होगा। भक्त इस बार यहां झांकियों के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

जगत के नाथ की झांकी के होंगे दर्शन

इस्कान मंदिर में हरिनाम संकीर्तन के साथ फन फेयर, ड्रामा, संदेश, जगन्नाथ रथयात्रा झांकी और कथा का आयोजन होगा। इसके साथ ही युवाओं को धर्म के जरिये करियर संवाने का गुरुमंत्र दिया जाएगा। इसमें आइआइटियन्स के साथ कई शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।

राधा-माधव का दिव्य स्नान एवं महाभिषेक किया जाएगा। महाआरती के बाद 1008 प्रकार के पकवानों का भोग अर्पित कर भक्त सुख-समृद्धि और परिवार कल्याण की कामना की जाएगी। जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाएगा। इसमें विशेष प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

इस्कान में यह होंगे आयोजन

  • मंगला आरती भोर पहर 4.30 बजे।
  • गुरु पूजा सुबह 7.30 बजे।
  • शृंगार दर्शन सुबह आठ बजे से।
  • जन्माष्टमी कथा सुबह 8.15 से 9.45 बजे तक।
  • राजभोग आरती दोपहर 12.30 बजे से।
  • उठाना आरती शाम चार बजे से।
  • संध्या आरती शाम सात बजे से।
  • महाअभिषेक रात 11 से 12 बजे तक।
  • छप्पन भोग और महाआरती पूजन रात्रि 12 बजे से।

इन मंदिरों में भी चली आ रही जन्मोत्सव की परंपरा

जन्माष्टमी पर जेके मंदिर को मनोहारी लाइटों से सजाया जााएगा। वहीं, शहर के कमला टावर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर और बिरहाना रोड स्थित गीता मंदिर, काहू कोठी बागला मंदिर, हजारी लाल मंदिर लाठी मोहाल में जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri