गाजीपुर, जागरण संवाददाता : केंद्रीय गृहमंत्री पुरस्कार के लिए नामित जिले के गरुआमकसूद निवासी इंस्पेक्टर शैलेश कुमार राय ने वर्ष 2018 में सोनभद्र के छिंगुरदह के जंगल में मंगेतर के साथ घूमने आए प्रेमी के सामने युवती से सामूहिक दुष्कर्म की चुनौतीपूर्ण घटना का न सिर्फ राजफाश किया था, बल्कि मध्यप्रदेश के सभी आठ आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में भरपूर प्रयास किया। दोषियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने डीएनए टेस्ट का भी सहारा लिया था, जिसमें अपराध साबित हुआ था।

सुहवल के गरुआमकसूदपुर निवासी व मीरजापुर के मड़िहान कोतवाली के इंस्पेक्टर शैलेश कुमार राय को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त के दिन दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इससे गरुआमकसूदपुर के साथ आसपास के गांवों में हर्ष का माहौल है।

वर्ष 2018 में सोनभद्र के अनपरा के छिंगुरदह जंगल में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। युवती अपने मंगेतर के साथ घूमने गई थी। दोनों जिले के शक्तिनगर के ही रहने वाले थे। मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता के बाद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अतुल सिंह को हटाकर शैलेश कुमार राय को तैनाती दी गई थी।

उन्होंने घटना के राजफाश के लिए सुरागरस्सी शुरू की। चूकिं घटना जंगल क्षेत्र में थी, इसलिए आरोपितों को ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं था। उन्होंने काफी प्रयास के बाद मुखबिर की सूचना पर जंगल में रहने वाले कुछ लोगों को उठाया था। इसमें एक ने काफी क्लू दिया। उसकी के क्लू पर घटना में शामिल मध्यप्रदेश के सिंगरौली निवासी आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया। युवक व युवती से लूटा गया सामान भी बरामद हुआ था। विवेचना के दौरान कोर्ट में आरोपितों को दोष सिद्ध के लिए विवेचक इंस्पेक्टर शैलेश राय ने आरोपितों का डीएनए टेस्ट कराया था, जो सभी को सलाखों के अंदर सजा दिलाने में कारगर साबित हुआ।

Edited By: Saurabh Chakravarty