विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'सीमा पार आतंकवाद खत्म करो', Gen Z प्रदर्शन पर पाकिस्तान के उत्साह पर भारत की दो टूक

Published: Tue, 28 Jul 2026 09:02 PM (GMT+05:30)

भारत ने पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर भारतीय जेन-जी आंदोलन के उत्साह पर प्रतिक्रिया देते हुए उसे सीमा पार आतंकवाद खत्म करने की सलाह दी है।

Gen Z प्रदर्शन पर पाकिस्तान के उत्साह पर भारत की दो टूक। (एएनआई)

Gen Z प्रदर्शन पर पाकिस्तान के उत्साह पर भारत की दो टूक। (एएनआई)

HighLights

  1. भारत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद रोकने को कहा।

  2. पाक सोशल मीडिया भारतीय जेन-जी आंदोलन पर उत्साहित।

  3. पीओजेके भारत का अभिन्न अंग, चुनाव अवैध।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत में शिक्षा सुधार को लेकर जेन-जी आंदोलन को लेकर पाकिस्तान का एक खास वर्ग खासा उत्साहित है और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की तरफ से जतंर-मंतर चलने तक की बात कही जा रही है।

इस बारे में भारत ने पाकिस्तान को बहुत ही सलीके से सलाह दिया है कि इस्लामाबाद का ध्यान सीमा पार आतंकवाद के खात्मे की होनी चाहिए क्योंकि भारत की जेन-जी भी यहीं चाहती है।

पाकिस्तान का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले छात्र विरोध प्रदर्शन के समर्थन से भरे हुए हैं हालांकि वहां के विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का आंतरिक मामला करार दिया था।

विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, “भारत के लोग, जिसमें हमारा जेन-जी भी शामिल हैं, लगातार यह मांग करते रहे हैं कि पाकिस्तान राज्य प्रायोजित आतंकवाद को खत्म करे। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तानी जेन-जी अपने समकक्ष इस बात पर ध्यान देंगे।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।

इस ब्रीफिंग में जब पाकिस्तान के सिंधु घाटी सभ्यता की साझा विरासत के दावे पर सवाल उठा तो प्रवक्ता जायसवाल ने सीधा जवाब दिया, “मैं साफ कहना चाहता हूं। जो देश दशकों से धार्मिक कट्टरवाद, हिंसा और सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा हो, वह किसी बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत का दावा नहीं कर सकता।"

"अल्पसंख्यकों और उनकी सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा में उनके बेहद खराब रिकॉर्ड से ऐसे हताश प्रयास और भी नकली लगते हैं।”

सनद रहे कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर काफी गहमागहमी देखी जा रही है।

पाकिस्तान में इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और टिकटाक पर इस प्रदर्शन को लेकर लाखों पोस्ट किये गये हैं। कई पोस्ट्स में लिखा गया कि “मैड रिस्पेक्ट”, “हम भी ऐसा ही करना चाहते हैं”, “आप हमें प्रेरणा दे रहे हो” और “सीमा के इस पार भी वही गुस्सा है”।

कुछ युवाओं ने कहा कि अगर मौका मिले तो वे भी जंतर-मंतर पहुंच जाते। कई वीडियो में पाकिस्तानी क्रिएटर्स ने भारतीय छात्रों के पोस्टर्स, नारे और मेम्स को दोहराया।

कई पाकिस्तानियों ने भारतीय जेन-जी को “कूल” और “बहादुर” बताया, जबकि कुछ ने अपनी सरकार की तुलना में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रशंसा की। भारत सरकार ने हालांकि साफ कर दिया कि असली मुद्दा पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थन है, न कि प्रदर्शनों का आपसी सराहना।

पीओजेके में तथाकथित चुनाव पर भारत का सख्त रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हो रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों पर भारत का रुख दोहराया।

प्रवक्ता ने कहा, “हमने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में तथाकथित विधानसभा चुनाव कराने की रिपोर्ट्स देखी हैं। इस मामले पर भारत का रुख सुसंगत, स्पष्ट और सर्वज्ञात है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें वर्तमान में पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं, भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि यह दिखावटी चुनावी कवायद पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का प्रयास मात्र है। हाल ही में पीओजेके में हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद के दशकों लंबे व्यवस्थित आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों के इनकार और प्रशासनिक उत्पीड़न का सीधा परिणाम हैं।