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नेपाल को 18 घंटे बिजली निर्यात करेगा भारत, बचाव दल के साथ काम कर रही 54 विशेषज्ञों की टीम

Published: Mon, 14 Sep 2026 07:35 PM (IST)

भारत ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण को 13 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रतिदिन 18 घंटे बिजली निर्यात की ...और पढ़ें

यह फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।

यह फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. भारत 13 सितंबर 2026 से नेपाल को 18 घंटे बिजली देगा

  2. बाढ़ से प्रभावित नेपाल की ऊर्जा मांग पूरी करने में मदद मिलेगी

  3. भारत ने नेपाल को 130 टन राहत सामग्री और 54 विशेषज्ञ भेजे

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिजली मंत्रालय ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण को 13 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक रोजाना 18 घंटे बिजली निर्यात की मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार, मुजफ्फरपुर-ढल्केबर 400 केवी डबल सर्किट लाइन के जरिए अधिकतम 600 मेगावाट और तनकपुर-महेन्द्रनगर 132 केवी सिंगल सर्किट लाइन से अधिकतम 54 मेगावाट बिजली भेजी जा सकेगी।

जनवरी 2027 से निर्यात की मात्रा को लेकर दिसंबर 2026 में समीक्षा की जाएगी। हाल की बाढ़ से नेपाल के पनबिजली परियोजनाओं को बहुत नुकसान हुआ है। जिससे देश की घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता घटी है और अतिरिक्त बिजली की जरूरत बढ़ गई है।

यह मंजूरी नेपाल को इस कठिन समय में बिजली की मांग पूरी करने में मदद करेगी और भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करेगी। भारत ने पहले ही कहा है कि नेपाल का समर्थन करने और ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

हाल की भीषण बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल की मदद के लिए व्यापक सहायता दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर हर संभव मानवीय सहयोग का आश्वासन दिया था। 26 अगस्त 2026 से भारतीय वायुसेना के आठ विशेष विमानों से 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें टेंट, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप, दवाएं, जनरेटर, पानी निकालने के पंप और रोशनी के टावर शामिल हैं।

साथ ही 54 विशेषज्ञों की टीमें भेजी गईं, टनल और कीचड़ बचाव दल चिलिमे व लंगतांग में नेपाली सेना के साथ काम कर रहे हैं, फोरेंसिक विशेषज्ञ डीएनए किट और उपकरणों से शवों की पहचान में मदद कर रहे हैं तथा डॉक्टर-पैरामेडिक टीमें चिकित्सा सहायता दे रही हैं। संपर्क बहाली के लिए बेली ब्रिज और तकनीकी दल भी भेजे गए है।