आगरा, प्रभजोत कौर। एक तरफ पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव को उत्सव के रूप में मना रहा है।हर चौराहे, हर सड़क पर तिरंगे बिक रहे हैं, हर घर-दुकान पर तिरंगा लग रहा है।पर शहर में एक चौराहा एेसा भी है जहां पिछले 1663 दिनों से हर रोज तिरंगा फहराया जाता है।कोरोना काल में भी यह क्रम नहीं टूटा।अजीत नगर बाजार कमेटी के सेल्फी पोइंट पर होने वाले कार्यक्रम में हर रोज एक नया अतिथि होता है। समय की पाबंदी इतनी है कि अगर कोई अतिथि तय समय पर नहीं पहुंचता है, तो दूसरे अतिथि से तिरंगा फहरवा दिया जाता है। 15 अगस्त को 1666 दिन पूरेकर विश्व रिकार्ड बनाया जाएगा।

मिनट टू मिनट तय है कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:30 बजे हो जाती है।सुबह 9:45 पर पहला साइरन बजता है,इससे अतिथि और पदाधिकारी एकत्र हो जाते हैं। 9:55 पर सभी सेल्फी पोइंट पर पहुंच जाते हैं। 9:57 पर तीन साइरन बजते हैं 17-17 सेकेंड के। 9:59:8 सेकेंड पर राष्ट्रगान शुरू करते हैं।फिर तिरंगा फहराया जाता है। 10:30 बजे कार्यक्रम समाप्त हो जाता है।

वीडियो से मिली प्रेरणा

तेलंगाना के एक गांव के वीडियो से प्रेरणा लेकर शुरू हुआ यह सफर आज एक मिसाल बन चुका है।इस गांव में हर रोज बस अड्डे पर राष्ट्रगान की धुन बजाई जाती है।इससे प्रेरणा लेकर अजीत नगर बाजार कमेटी ने ढाई महीने तक इस पर माथापच्ची की। प्रोटोकाल की जानकारी ली और ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ यह श्रंख्ला 26 जनवरी 2018 में शुरू की।पहली बार ध्वजारोहण पूर्व सहायक आयुक्त विजय कुमार ने किया था।

नहीं होता अतिथि का इंतजार

बाजार कमेटी के पदाधिकारी ध्वजारोहण के लिए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से हर रोज एक नए अतिथि को आमंत्रित करते हैं।अगर किसी अतिथि को पांच मिनट की देरी भी हो जाए तो कमेटी के पदाधिकारी विकल्प के रूप में अन्य अतिथि से ध्वजारोहण करवा लेते हैं।पूर्व एसएसपी अमित पाठक भी ध्वजारोहण से चूक गए थे।

सिर्फ अधिकारी ही नहीं बनते अतिथि

ध्वजारोहण के लिए कमेटी सिर्फ अधिकारियों को ही आमंत्रित नहीं करती। समान अधिकार के तहत यहां रिक्शा चालक, मोची, ठेलवाले तक को मौका दिया गया है।

300 मीटर तक जाती है आवाज

अजीत नगर बाजार कमेटी के अध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि इस सेल्फी पोइंट पर लगे साउंड स्पीकर की जद 300 मीटर के घेरे में है। इस जद में आने वाला हर इंसान राष्ट्रगान के दौरान वहीं रूक जाता है।कमेटी के वर्तमान में 15 पदाधिकारी और 245 दुकानदार हैं, जो हर रोज इस कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं।कोरोना काल में भी यह कार्यक्रम अनवरत जारी रहा, इस दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया गया।ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम वर्ल्ड रिकार्ड में भी जगह बना चुका है। 

Edited By: Tanu Gupta