शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Vidhan Sabha Monsoon Session, कांग्रेस ने पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान किया है और सरकार का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाल करना संभव नहीं है। लेकिन पुरानी पेंशन बहाल करने को लेकर 70 हजार कर्मचारी मांग कर रहे हैं। जहां एक और हजारों कर्मचारी ओपीएस की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर विधानसभा के भीतर ओपीएस के मामले में हंगामा होना तय है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा विपक्ष अंतिम दिन काम रोको प्रस्‍ताव लाया है, ताकि सरकार को जगाया जा सके। विधानसभा चुनाव के निकट आते देख कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करेगी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरकारी विभागों सार्वजनिक उपक्रमों में 70 हजार कर्मचारी एनपीएस के तहत सेवारत हैं। शिमला शहर के सभी प्रवेश द्वारों पर सफेद टोपी पहने हुए लोगों की भीड़ विधानसभा की तरह बढ़ रही है। टुटीकंडी बाईपास से सैकड़ों कर्मचारी आगे बढ़ रहे हैं, इसी तरह से प्रदेश के निचले जिलों के प्रवेश द्वार टुटू क्षेत्र से कर्मचारी आगे आ रहे हैं। विधानसभा का घेराव कर रहे हैं करने आ रहे कर्मचारियों ने वाहन शोघी से तारादेवी के बीच में खड़े कर दिए हैं। इसी तरह से प्रदेश के निचले जिलों से आने वाले कर्मचारियों ने टुटू बाईपास पर वाहन खड़े किए हैं।

2003 में बंद हुई थी पुरानी पेंशन

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने वर्ष 2003 में कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना लाई थी। जिसके चलते पुरानी पेंशन को बंद कर दिया गया था। एनपीएस आर्थिक सुधारों की ओर एक कदम था।

राजस्थान व छत्तीसगढ़ ने घोषणा की

देश में कांग्रेसशासित दो राज्य राजस्थान व छत्तीसगढ़ ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने की घोषणा की है। पिछले दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष मांग उठाई थी कि केंद्र के सहयोग के बिना पुरानी पेंशन देना संभव नहीं है।

सीएम ने लिया फीडबैक

विधानसभा का घेराव करने आ रहे कर्मचारियों के मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में अधिकारियों से फीडबैक लिया।

पुलिस की पूरी तैयारी

प्रशासन ने ओपीएस बहाली की मांग करने वाले कर्मचारियों के लिए चौड़ा मैदान स्थान तय किया है। आंदोलनकारी इससे आगे विधानसभा की ओर नहीं आ सकेंगे।

यह बोले नेता प्रतिपक्ष व माकपा विधायक

  • नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि जब सरकार करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची कर रही है तो प्रदेश सरकार के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों को पेंशन बहाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनसुना कर रही है। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने पर कांग्रेश कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाल करेगी।
  • मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक राकेश सिंघा का कहना है पेंशन के मामले में कई तरह के मापदंड नहीं हो सकते हैं। कर्मचारी राज्य सरकार की रीढ़ की हड्डी हैं, सरकार को चाहिए कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma