भरमौर, संवाद सहयोगी। Himacha Bharmour Manimahesh Yatra 2022, भरमौर-हड़सर मार्ग पर स्थित प्रंघाला नाला में भारी वर्षा और भूस्खनल के कारण अवरुद्ध हुआ मार्ग रविवार दोपहर तक बहाल नहीं हो पाया है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सहित कर्मचारी मार्ग को बहाल करने में जुटे हैं। लेकिन, भारी मात्रा में मलबा व पत्थर होने के कारण इसे बहाल करने में अभी और समय लग सकता है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग को बहाल करने के लिए रविवार शाम तक का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, उक्त स्थान पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। करीब एक सप्ताह पूर्व भरमौर-हड़सर मार्ग पर स्थित प्रंघाला नाला में भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन बैली बृज भारी चट्टान गिरने से ध्वस्त हो गया था।

मार्ग पर भी भारी भरकम चट्टानें व मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। इससे पवित्र मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। मौके की नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब पैदल ही सफर शुरू कर दयिा है।

उक्त पुल को करीब एक महीने में पुल तैयार करने का लक्ष्य था, लेकिन अब पुल का जल्द निर्माण भी संभव नहीं है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान हालातों को देखते हुए मणिमहेश यात्रा करना किसी खतरे से खाली नहीं है। इससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

मणिमहेश यात्रा आगामी 19 अगस्त से अधिकारिक तौर पर शुरू होगी। लेकिन, इससे पूर्व हजारों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं। यदि भूस्खलन नहीं होता तो यात्रा जारी रहती। बहरहाल, श्रद्धालुओं को यात्रा करने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

लोक निर्माण विभाग भरमाैर के सहायक अभियंता विशाल चौधरी का कहना है प्रंघाला नाला में भारी भूस्खलन के कारण बंद पड़े मार्ग को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है। विभाग के कर्मचारी मशीनरी सहित जुटे हुए हैं। कोशिश की जा रही है कि शाम तक मार्ग को बहाल कर यातायात शुरू करवा दिया जाए।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma