जागरण संवाददाता, करनाल: उपायुक्त अनीश यादव ने बुधवार को राजस्व अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में नई जमाबंदी की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने घरौंडा़, नीलोखेड़ी और बल्ला के तहसीलदारों के काम को उत्कृष्ट बताते हुए शाबाशी दी। जबकि निगदू, निसिग, करनाल, इन्द्री व असंध के तहसीलदारों की रिपोर्ट से भी वह संतुष्ट हुए लेकिन जमाबंद के बचे कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि जमाबंदी का काम निपटाने के बाद इसके रिकार्ड की एंट्री वैबहेलरीस के साफ्टवेयर में हो जाती है। फिर इसका डाटा आनलाईन देखा जा सकता है। डीसी ने इंतकाल, गिरदावरी, शामलात देह, राजस्व रिकवरी और तहसीलों में जारी किए जाने वाले जाति व आय प्रमाण पत्र, स्टैम्प ड्यूटी तथा रेवेन्यू के कोर्ट केस जल्द से जल्द निपटाने के बिन्दुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलदार कोर्ट केस जीरो पर लेकर आएं। गिरदावरी को लेकर उन्होंने तहसीलदार और उनके मातहत कानूनगो से पूछा कि गिरदावरी कैसे कर रहे हैं ? इसे टैब से ही करने और पांच सितम्बर तक निपटाने की बात तय हुई। इसके बाद उच्च अधिकारियों द्वारा पड़ताल की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि गिरदावरी का काम चालू माह के अंत तक पूरा करें। इंतकाल के बिन्दु पर भी उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों से रिपोर्ट ली। इस दौरान एलईडी स्क्रीन पर सभी जिलों का स्टेटस दिखाया गया। लंबित म्यूटेशन निपटाने में करनाल पूरे राज्य में दूसरे नम्बर पर रहा जबकि पंचकूला पहले नम्बर पर है। राजस्व रिकवरी को लेकर उपायुक्त ने तहसीलदारों और उपमण्डलाधीशों से कहा कि हर 15 दिन बाद इसकी समीक्षा करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसीलों में जाति और आय प्रमाण पत्र के लिए जितने भी आवेदन आते हैं, उन्हें बिना विलम्ब जारी करने की कोशिश करें।

अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि जिन तहसीलों में कास्ट वैरीफिकेशन का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उसे जल्द पूरा करवाया जाए। इस दौरान इन्द्री के एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा, करनाल के एसडीएम अनुभव मेहता, घरौंडा के एसडीएम अभय जागंड़ा, असंध के एसडीएम मनदीप सिंह, डीआरओ श्याम लाल, डीआईओ महीपाल सीकरी तथा एडीआईओ परविन्द्र सिंह भी मौजूद रहे

Edited By: Jagran