संवाद सूत्र, फुलवारीशरीफ: टमटम पड़ाव क्षेत्र में घर तक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंचाने के लिए बिछी पाइपलाइन में सोमवार की रात फिर से गैस रिसने लगी, जिसके कारण इलाके में अफरातफरी मच गई। रिसाव उसी स्थान से हो रहा था, जहां से शनिवार की रात आग निकल रही थी। अग्निशमन वाहन, जेसीबी और तकनीशियन के साथ गेल की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद लोगों ने राहत महसूस की।

हालांकि, गेल के महाप्रबंधक अजय कुमार सिन्हा गैस रिसाव की बात से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो दिन पूर्व हुई गैस रिसाव और आग लगने की घटना के कारणों का पता लगाने टीम पहुंची है। पाइपलाइन में अब तक गड़बड़ी नहीं मिली है। फुलवारीशरीफ नगर परिषद से नाले की सफाई कराने का अनुरोध किया गया है ताकि पूरी पाइपलाइन की जांच की जा सके। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नाले में कचरे से उत्पन्न मिथेन गैस से तो कहीं आग नहीं लगी थी? जांच के बाद ही निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकता है।

स्थानीय लोग बोले- 24 घंटे से आ रही गंध

स्थानीय निवासियों ने कहा कि आग बुझने के दूसरे ही दिन से गैस की गंध आ रही थी। लगभग 24 घंटे बाद गंध बढ़ने लगी, तब लोग भयाक्रांत हो गए। इसके बाद जिसे जहां सूझा, वहां फोन करने लगे। रात करीब 10 बजे गेल के अधिकारी संजय कुमार जब टीम के साथ पहुंचे, तब भी गंध आ रही थी। इसके बाद 50 मीटर तक सड़क की खोदाई कर जांच करने का निर्णय लिया गया। पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाने के लिए कई तरह के उपकरण लगाए गए थे। अधिकारी ने बताया कि देर रात खोदाई की जाएगी।

राजीव नगर में गैस लीक घटना में नहीं मिला था संभलने का मौका

21 नवंबर को राजीव नगर इलाके के अपार्टमेंट के फ्लैट में गेल की पीएनजी लीक होने से आग लग गई थी, जिसमें महिला और उनके चार वर्षीय बेटे की मौत हो गई थी। इस मामले में गेल के अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी कराई जा चुकी है। इस घटना से पहले महिला को पता ही नहीं चल पाया कि उनके फ्लैट में गैस फैल चुकी है। जैसे ही उन्होंने तीली जलाई आग धधक उठी। इससे खिड़कियों के कांच भी टूट गए थे। घर में उस वक्त अकेले मौजूद रहे मां और बेटे को संभलने तक का मौका नहीं मिला था। कल ये दूसरी घटना फुलवारीशरीफ टमटम पड़ाव क्षेत्र में हुई, लेकिन लोगों ने समय रहते पुलिस और गेल को सूचित कर दिया। इससे बड़ी घटना टल गई।

Edited By: Ashish Pandey

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