जासं, अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बादल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने साजिश के तहत उनका सियासी करियर खत्म करने के लिए उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया था। अगर उन्हें जमानत मिली है तो वह मजीठा हलके के लोगों की ओर से अकाल पुरख के आगे की गई अरदास के कारण ही मिली है। लोग जानते हैं कि उनके खिलाफ राजनीतिक विरोधियों ने झूठे आरोप लगाए हैं।

मजीठा स्थित बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारा कत्थूनंगल में मजीठिया ने अकाल पुरख का शुक्राना किया। बिक्रम मजीठिया का हलके में पहुंचने पर वर्करों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व मंत्री सुखजिदर सिंह रंधावा ने साजिश के तहत केस दर्ज करवाया था। ये लोग तब तक अधिकारी बदलते रहे, जब तक सिद्धार्थ चटोपाध्याय ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं किया। मजीठिया ने कहा कि चन्नी न सिर्फ दोनों सीटों से हारे, बल्कि वह विदेश भाग गए। यह पहली बार है कि कोई मुख्यमंत्री दोनों सीटों से हारा हो। वहीं नवजोत सिद्धू जो अभी जेल में है, वह दोषी के रूप में सजा काट रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व डीजीपी आइपीएस सहोता ने उनके खिलाफ तत्कालीन मुख्यमंत्री चन्नी के कहने पर झूठा केस दर्ज करने की जगह अपना पद ही छोड़ दिया था। वह सहोता के आभारी हैं, जिन्होंने गलत काम करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि मजीठा के लोगों द्वारा उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया पर विश्वास जताने के लिए हलके में अखंड पाठ की लड़ी शुरू करेंगे।उन्होंने अफसोस जताया कि जीत के दौरान वह लोगों का आभार व्यक्त नहीं कर सके, क्योंकि उस समय में उन्हें अदालत में सरेंडर करना पड़ा था। इस अवसर पर उनके साथ एसजीपीसी मेंबर भगवंत सिंह सियालका, जोध सिंह समरा भी थे।

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