हाथरस, जागरण संवाददाता। Independence day 2022 : 15 अगस्त को सरकार के Minister of State Anoop Pradhan हाथरस में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह मुरसान ब्लाक के गांव गुमानपुर में बन रहे अमृत सरोवर का निरीक्षण करेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर प्रशासन गुमानपुर के ही अमृत सरोवर को क्यों दिखाना चाहता है। दावा किया जा रहा है कि 92 सरोवरों पर 15 अगस्त को ध्वजारोहरण होगा। वहीं सहपऊ ब्लाक में अधिकांश सरोवरों का हाल बेहाल है।

ग्राम पंचायतों में बन रहे अमृत सरोवर : केंद्र सरकार की मंशा थी कि गांव-गांव Amrit Sarovar बनाकर उनमें जल संचयन कराया जाए। केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले के ग्राम पंचायतों पर अमृत सरोवर तैयार किए जाने लगे। बहुत कोशिशों के बाद भी तमाम Amrit Sarovar खोदाई के स्तर तक ही पहुंच पाए। भले ही अमृत सरोवरों को तैयार होने का दावा किया जा रहा है, मगर हकीकत यही है कि ज्यादातर सरोवर आधे-अधूरे हैं।

कहीं पक्का निर्माण नहीं हुआ तो कहीं मनरेगा मजदूरों से पोखरों की खोदाई तक काम कराया है। ब्लाक सहपऊ के ग्राम पंचायत सहपऊ देहात की सरोवर को ही देख लीजिए। यहां पक्का निर्माण तो दूर ठीक से तालाब की खोदाई और आसपास घास तक नहीं साफ की गई। महज कागजों में अमृत सरोवरों पर काम कराया गया है। ऐसे में 15 अगस्त पर ध्वजारोहरण कैसे कराएंगे।

जल संरक्षित होंगे : water conservation के लिए जिन 105 तालाबों को अमृत सरोवर के रूप से विकसित करने का दावा किया गया है और 92 सरोवरों पर ध्वजारोहण कराने का दावा किया गया है, मगर हकीकत कुछ और ही है। ध्वजारोहण के लिए न तो प्लेटफार्म बनाया गया है और न ही पोखर के आसपास साफ-सफाई नजर आ रही है।

इनका कहना है

92 अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को ध्वजारोहण कराया जाएगा। जो अधूरे सरोवर हैं उन पर काम कराने का दायित्व बीडीओ का होता है। इसमें लापरवाही बरतने वाले बीडीओ पर कार्रवाई की जाएगी।

- राजेश कुमार कुरील, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण हाथरस।

Edited By: Anil Kushwaha