संवाद सहयोगी, मुंगेर : अब फाइलेरिया मरीजों को इलाज के लिए दूसरे मरीजों की तरह कतारबद्ध नहीं होना पड़ेगा। सदर अस्पताल में अलग से फाइलेरिया के मरीजों के लिए ओपीडी की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को फाइलेरिया क्लिनिक (एमएमडीपी) का सदर अस्पताल स्थित फाइलेरिया परिसर में सिविल सर्जन पीएम सहाय, एसीएमओ डा. आनंद शंकर, डा. अरविद कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी और जिला फाइलेरिया पदाधिकारी और एमएमडीपी क्लीनिक के इंचार्ज डा. संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। सिविल सर्जन ने कहा जिले में मौजूद पांच हजार फाइलेरिया रोगियों की बेहतर जांच और समुचित इलाज के लिए एमएमडीपी क्लीनिक की शुरुआत की गई है। जिला संचारी रोग पदाधिकारी डा. ध्रुव कुमार शाह, वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा, पंकज कुमार प्रणव, ओम प्रसाद नायक, जय प्रकाश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। सिविल सर्जन, एसीएमओ और डीपीएम की ओर से फाइलेरिया रोगियों के बीच एमएमडीपी किट का भी वितरण किया गया। इससे पूर्व जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंसल्टेंट पंकज कुमार प्रणव ने हाथी पांव के मरीज का लाइव डिमोंस्ट्रेशन करते हुए लोगों को साफ-सफाई करते हुए इस दौरान बरती जाने वाली तमाम सावधानियों के बारे में जानकारी दी।

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सप्ताह में तीन दिन करेगा काम

सिविल सर्जन डा. पीएम सहाय ने बताया कि जिले भर में फाइलेरिया रोगियों की जांच, उपचार और सलाह के लिए यहां अलग से व्यवस्था कर दी गई है। यहां सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शनिवार को डा. संतोष कुमार फाइलेरिया मरीजों की जांच करेंगे। उन्हें साफ सफाई के तरीके, बरती जाने वाली सावधानी और एक्सरसाइज की जानकारी देंगे। यह क्लीनिक अभी सप्ताह में तीन दिन शुरू किया गया है। बहुत जल्द इसे पूरे सप्ताह ओपीडी के रूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोगियों की सुविधा के लिए बहुत ही जल्द प्रखंड स्तर पर कार्यरत पीएचसी और सीएचसी पर एमएमडीपी क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी।

Edited By: Jagran