जागरण संवाददाता, मानेसर (गुरुग्राम): मानेसर के कुछ गांवों की 1810 एकड़ जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया को रद करने की मांग को लेकर पिछले 53 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने शनिवार सुबह करीब सवा दस बजे दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित पचगांव चौक पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे बाद पुलिस ने बलपूर्वक जाम को खुलवाया और किसानों को बसों में बैठकर मानेसर थाने ले जाया गया। इस दौरान किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे। पुलिस उन्हें मौके से सेक्टर 37 थाने में ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। प्रदर्शन करते हुए किसान दिल्ली-जयपुर हाईवे की दोनों लेनों पर बैठ गए। पचगांव चौक पर जाम लगाने से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कापड़ीवास तक जाम लग गया।

दिल्ली से जयपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को हीरो होंडा चौक से डायवर्ट कर पटौदी के रास्ते से निकाला गया। इसके साथ ही कुछ वाहनों को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (केएमपी )से निकाला गया। जयपुर की तरफ से आने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण हाईवे पर जाम लग गया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने कापड़ीवास कट और बिलासपुर चौक से वाहनों को डायवर्ट किया।

औद्योगिक इकाइयों को माल लेकर आने वाले जाम में फंसने से लाखों रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ और लोगों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मौके पर अतिरिक्त जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, मानेसर सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश कुमार, मानेसर थाना प्रभारी विजय कुमार मौजूद रहे और किसानों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन किसानों ने प्रशासन की बात नहीं मानी तो पुलिसकर्मियों ने बलपूर्वक किसानों को हाईवे से हटाया और बसों में बैठाकर मानेसर थाने में ले गए।

पुलिस को चकमा दे लगाया जाम

पुलिस को किसानों द्वारा दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम करने की सूचना पहले से थी। पचगांव चौक पर पुलिस ने जवानों की तैनाती की थी लेकिन किसानों ने कम संख्या दिखाई। कम संख्या देख पुलिस अधिकारी सचेत नहीं दिखे। इसी दौरान मोकलवास के रास्ते से किसान ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर आए और करीब पांच सौ मीटर दूर हाईवे को जाम कर दिया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंच किसानों से जाम खोलने की अपील की लेकिन किसानों ने दोनों तरफ हाईवे की दोनों लेनों को बंद कर दिया। हालांकि पुलिस की तरफ से जयपुर की तरफ जाने वाली सर्विस लेन को खुलवा दिया गया था जिससे लोगों को ज्यादा दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।

क्या है मामला

एचएसआइआइडीसी की तरफ से गांव कासन, खोह, कुकडौला, सहरावन की 1810 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए 2010 में सेक्शन चार के नोटिस निकाले गए थे। अब इस अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। 16 अगस्त को इसके लिए अवार्ड सुनाया जाना है। किसान इस अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गांव कासन से छह बार अधिग्रहण किया जा चुका है। अब किसानों के पास काफी कम जमीन बची है। सरकार की तरफ से इस जमीन के लिए मुआवजा भी काफी कम दिया जा था है। ऐसे में किसी भी सूरत में किसान जमीन नहीं देने की बात कह रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने जबरदस्ती किसानों को हटाया है। अब किसान पीछे नहीं हटेंगे।

Edited By: Jagran