जागरण संवाददाता, लुधियाना। साइबर अपराधियों ने पुलिस कमिश्नर (सीपी) डा. कौस्तुभ शर्मा की फर्जी वाट्सएप अकाउंट बनाकर उन्हें निशाना बनाया है। साइबर ठग सीपी की तस्वीर भी वाट्सएप पर डाल दी। जिसके बाद उसने लुधियाना कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों से पैसे की मांग की। पुलिस कमिश्नर की जानकारी में मामला आने के बाद उन्होंने कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों को सतर्क किया और उन्हें ऐसे किसी भी धोखेबाज को पैसे भेजने से बचने के लिए आगाह किया।

सीपी शर्मा ने कहा कि कुछ धोखेबाजों ने एक नकली वाट्सएप अकाउंट बनाया है। उस पर उनकी वर्दी वाली फोटो डिस्प्ले पिक्चर के रूप में डाल दी। उसके नेम सेक्शन में उनका नाम भी लिखा गया है। ठग ने कमिश्नरेट के कुछ अधिकारियों को संदेश भेजा और प्रत्येक से 50 हजार रुपये की मांग की। आरोपित ने उन्हें एमाजोन उपहार कार्ड के रूप में पैसे देने की मांग की और अन्य भुगतान ऐप्स के माध्यम से भी पैसे देने के संदेश भेजे हैं। गुरुवार दो अधिकारियों ने उन्हें वो संदेश दिखाए। जिन्हें देख कर वो खुद हैरान रह गए। 

यह पूछे जाने पर कि क्या किसी अधिकारी या मित्र ने पैसे ट्रांसफर किए हैं, तो सीपी ने कहा कि अभी तक उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अब, वह कमिश्नरेट के कर्मचारियों, अधिकारियों और अपने दोस्तों के साथ संदेश साझा कर रहे हैं कि अगर उन्हें ऐसा कोई संदेश मिलता है, तो उन्हें तुरंत रिपोर्ट करें। पुलिस की साइबर सेल टीम लगातार उस मामले की जांच कर रही है। अब तक इतना पता चला है कि जिस नंबर से व्हाट्सएप आइडी बनाई गई थी, उसे महाराष्ट्र से चलाया जा रहा है। पुलिस जल्द ही धोखेबाज का पता लगा लेगी।

2021 में बनाया गया था फेक एफबी अकाउंट

बता दें कि मई 2021 में जब डा. कौस्तुभ शर्मा जालंधर रेंज में आइजी तैनात थे। तब साइबर अपराधियों ने उनका फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया था। उन्होंने एफबी प्रोफाइल पर उनकी फैमिली फोटो भी डाली थी। बाद में उन्होंने डा. शर्मा के एफबी दोस्तों से पैसे की मांग की। जांच के दौरान फर्जी प्रोफाइल के आरोपित महाराष्ट्र से संचालित पाए गए और उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस बार भी, फर्जी वाट्सएप अकाउंट के आरोपित महाराष्ट्र से काम कर रहे हैं।

Edited By: Vinay Kumar