हत्या के प्रयास के फर्जी मुकदमें का राजफाश, प्रधान पति समेत चार साजिशकर्ता गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, आजमगढ़: जहानागंज पुलिस ने मंगलवार को गंभीरवन गांव में एक माह पूर्व अमृत सरोवर निर्माण के दौरान प्रधान पति पर चली गोली की घटना का राजफाश किया है। पुलिस ने विपक्षियों को फंसाने के लिए खुद साजिश रचने वाले प्रधान पति व उनके भाई समेत चार को गिरफ्तार कर लिया है। दो शूटरों की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।

गंभीरवन गांव में रामजानकी मंदिर पर पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा था। आठ जुलाई को प्रधान पति आशुतोष सिंह पर बदमाशों ने फायर कर दिया। इस दौरान उन्होंने पानी में कूदकर जान बचाई थी। बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। प्रधान पति की तहरीर पर अजय, दिवाकर, शेषनाथ सिंह, गोविंद, शैलेष सिंह व अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई में जुट गई।

प्रभारी निरीक्षक जहानागंज प्रमेंद्र कुमार सिंह ने वादी बयान, घटनास्थल के निरीक्षण, गोपनीय छानबीन, तकनीकी साक्ष्य व सीडीआर के अवलोकन से मुकदमे में पाया कि वादी मुकदमा के ऊपर वर्ष 2015 में उक्त मुकदमे के आरोपितों ने जानलेवा हमले का मुकदमा आशुतोष सिंह व उनके भाई अजीत सिंह व तीन अन्य के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत काराया गया था, जो वर्तमान में न्यायालय में ट्रायल पर है। इसी कारण से साजिश के तहत उन्होंने अपने भाई अजीत सिंह व रिश्तेदार विजय सिंह व अशोक सिंह को साथ लेकर दो भाड़े पर हत्या करने वाले शूटर को बुलाकर योजना के तहत पोखरे पर स्वंय के ऊपर गोली चलवाया।

प्रभारी निरीक्षक ने मुकदमे में प्रकाश में आए आशुतोष सिंह उर्फ सुगंध सिंह, अजीत सिंह उर्फ बुलंद सिंह निवासी गंभीरवन, विजय सिंह निवासी भैरोहा थाना अहरौला व अशोक यादव निवासी डीगुरपुर थाना कप्तानगंज को गिरफ्तार कर लिया। फरार शूटर दीपचंद निषाद उर्फ दीपू उर्फ सिपाही निवासी गजही थाना अहरौला व सुनील निषाद निवासी भवानीपुर थाना कप्तानगंज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रधान पति आशुतोष सिंह व उनके भाई अजीत पर मारपीट व साजिश रचने के कई मुकदमें पहले ही दर्ज हैं।

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